Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने सोमवार को हाजिर न होने पर जांच एजेंसी ने टीना अंबानी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है.
Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने सोमवार को हाजिर न होने पर जांच एजेंसी ने टीना अंबानी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए जल्द ही नया समन जारी कर सकता है. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि निर्धारित तिथि पर हाजिर न होने के कारण टीना अंबानी को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. 68 वर्षीय पूर्व अभिनेत्री टीना को सोमवार को केंद्रीय एजेंसी द्वारा हाजिर होने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. अधिकारियों ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किया जाना है, इसलिए उन्हें जल्द ही दोबारा बुलाया जाएगा. रिलायंस समूह की ओर से इन समनों पर प्रतिक्रिया का इंतजार है.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में होगी पूछताछ
अनिल अंबानी से पिछले साल ED ने रिलायंस समूह की कई कंपनियों और उनके बैंक ऋणों से संबंधित जांच के तहत एक बार पूछताछ की थी. ऐसा माना जा रहा है कि टीना को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी कॉन्डोमिनियम की खरीद से जुड़े धन के लेन-देन के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. ईडी ने हाल ही में इस मामले में रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था. ईडी ने पहले एक बयान में दावा किया था कि आरकॉम की कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के दौरान 2023 में गर्ग द्वारा न्यूयॉर्क स्थित संपत्ति को धोखाधड़ी से बेचा गया था. यह समझा जाता है कि आरकॉम ने 2025 में स्टॉक एक्सचेंज को इस धोखाधड़ी वाली बिक्री के बारे में सूचित किया था.
12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
एजेंसी ने दावा किया है कि 83 लाख अमेरिकी डॉलर (2023 में लगभग 69.55 करोड़ रुपये) की बिक्री राशि को अमेरिका से दुबई स्थित एक संस्था के साथ फर्जी निवेश की आड़ में भेजा गया था, जिसे पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा नियंत्रित किया जाता था. यह सब पेशेवर की जानकारी या सहमति के बिना किया गया था. ईडी ने हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी और संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. इस जांच के तहत 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है और रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ तीन शिकायतें दर्ज की गई हैं जिन्हें ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) कहा जाता है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
