Home मनोरंजन बवाल मचा तो बदल गए फिल्मों के नाम, ‘बिल्लू’ से ‘घूसखोर पंडत’ तक, कुछ ऐसा रहा टाइटल बदलने का सफर

बवाल मचा तो बदल गए फिल्मों के नाम, ‘बिल्लू’ से ‘घूसखोर पंडत’ तक, कुछ ऐसा रहा टाइटल बदलने का सफर

by Preeti Pal
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बवाल मचा तो बदल गए Bollywood फिल्मों के नाम, 'बिल्लू' से 'घूसखोर पंडत' तक, कुछ ऐसा रहा टाइटल बदलने का सफर

Title Change Controversy: मनोज वाबपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम को लेकर काफी कंट्रोवर्सी हो रही है. हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब किसी मूवी के टाइटल को लेकर बवाल हो रहा है.

11 February, 2026

बॉलीवुड में फिल्मों का नाम रखना भी एक आर्ट है, लेकिन कभी-कभी यही नाम गले की हड्डी बन जाते हैं. हाल ही में मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में मामला पहुंचा, जिसके बाद मेकर्स ने इसका नाम बदलने का फैसला लिया है. मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे की इस फिल्म पर ब्राह्मण जाति का मज़ाक बनाने के आरोप लगे थे. हालांकि, ये पहली बार नहीं है, दरअसल, हिंदी सिनेमा का इतिहास ऐसी कहानियों से भरा पड़ा है जहां कंट्रोवर्सी के बाद मेकर्स को अपनी फिल्मों के नाम बदलने पड़े. आज आपके लिए उन्हीं फिल्मों की एक लिस्ट लेकर आए हैं.

पद्मावती बनी ‘पद्मावत’

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ साल 2018 में रिलीज़ हुई थी. इसमें दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर लीड रोल में हैं. करणी सेना और कई पॉलिटिकल ग्रुप्स ने संजय लीला भंसाली पर आरोप लगाया कि फिल्म में रानी पद्मावती के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है. इसके अलावा राजपूत करणी सेना का ये भी दावा था कि फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच एक ‘ड्रीम सीक्वेंस’ दिखाया जा रहा है, जिसमें दोनों के रोमांटिक सीन्स हैं. हालांकि संजय लीला भंसाली बार-बार ये कहते रहे कि ऐसा कोई सीन फिल्म में है ही नहीं. विवाद इतना बढ़ा कि भंसाली और दीपिका को जान से मारने की धमकियां तक मिलीं. आखिरकार, सेंसर बोर्ड के सुझाव पर फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से बदलकर ‘पद्मावत’ कर दिया गया.

बिल्लू से हटा ‘बार्बर’

शाहरुख खान के प्रोडक्शन में बनी और इरफान खान स्टारर फिल्म बिल्लू साल 2009 में आई थी. नाई कम्युनिटी ने ‘बार्बर’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और इसे अपमानजनक बताया. इसके बाद शाहरुख खान ने कंट्रोवर्सी को रोकने के लिए फिल्म का नाम सिर्फ ‘बिल्लू’ कर दिया. इतना ही नहीं बार्बर कम्युनिटी के मैंबर्स को फिल्म के प्रीमियर पर भी बुलाया गया.

लक्ष्मी बॉम्ब से ‘लक्ष्मी’

अक्षय कुमार और कियारा आडवाणी स्टारर फिल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ को लेकर भी काफी शोर मचा. करणी सेना ने आरोप लगाया कि फिल्म का नाम हिंदू देवी यानी लक्ष्मी माता का अपमान करता है. इसके अलावा, कुछ लोगों को ‘बॉम्ब’ शब्द के इस्तेमाल से भी प्रोब्लम थी. ऐसे में मेकर्स ने शांति बनाए रखने के लिए टाइटल से ‘बॉम्ब’ हटा दिया और फिल्म ‘लक्ष्मी’ के नाम से रिलीज हुई.

राम-लीला के जुड़ी ‘गोलियों की रासलीला’

पद्मावत से पहले भी संजय लीला भंसाली कंट्रोवर्सी में घिरे जब उन्होंने अपनी फिल्म का नाम ‘राम-लीला’ रखा. कई धार्मिक समूहों ने भगवान राम के नाम के साथ इस तरह की फिल्म बनाने पर आपत्ति जताई. मामला कोर्ट तक पहुंचा और बाद में संजय लीला भंसाली को फिल्म का नाम बदलकर ‘गोलियों की रासलीला: राम-लीला’ करना पड़ा. रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण स्टारर ये फिल्म भी सुपरहिट रही.

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मेंटल नहीं, ‘जजमेंटल है क्या’?

कंगना रनौत और राजकुमार राव की फिल्म का असली नाम ‘मेंटल है क्या’ तय किया गया था. मगर इस नाम पर इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि ये नाम मेंटल हेल्थ से जूझ रहे लोगों के लिए इनसेंसिटिव है. एकता कपूर ने भी लोगों के सेंटिमेंट्स का ध्यान रखते हुए इसका नाम बदलकर ‘जजमेंटल है क्या’ कर दिया.

‘लवरात्रि’ का नवरात्रि कनेक्शन

सलमान खान के जीजा आयुष शर्मा की डेब्यू फिल्म ‘लवरात्रि’ को लेकर भी काफी हंगामा हुआ था. कुछ लोगों का कहना था कि ये नाम पवित्र त्योहार ‘नवरात्रि’ का मजाक उड़ाता है. ऐसे में मेकर्स ने फिल्म की रिलीज से ठीक पहले इसका नाम बदलकर ‘लवयात्री’ कर दिया गया.

सत्यनारायण से ‘सत्यप्रेम की कथा’

कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी स्टारर फिल्म का नाम पहले ‘सत्यनारायण की कथा’ रखा गया था. ऐसे में सत्यनारायण भगवान विष्णु का नाम है, इसलिए लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात कही गई. कंट्रोवर्सी के बाद डायरेक्टर समीर विद्वांस ने बड़े प्यार से इस नाम को बदलकर ‘सत्यप्रेम की कथा’ कर दिया.

गानों पर भी चली कैंची

वैसे, फिल्मों के साथ-साथ गानों की लाइनों पर भी कई बार कंट्रोवर्सी हो चुकी है. ‘आजा नचले’ के टाइटल ट्रैक से ‘मोची’ शब्द हटाया गया क्योंकि मायावती सरकार ने इसे कास्ट इंडिकेटर बताया था. वहीं, विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘कमीने’ के सुपरहिट गाने ‘धन ते नान’ में ‘तेली’ शब्द को हटाकर ‘दिल्ली’ करना पड़ा. यहां तक कि करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के गाने ‘राधा’ में ‘सेक्सी’ शब्द को लेकर बवाल उठा. बाद में उसकी जगह ‘देसी’ वर्ड का यूज़ हुआ. कहने का मतलब ये है कि, मेकर्स को फिल्म बनाते हुए क्रिएटिविटी के साथ-साथ लोगों के इमोशन्स का ख्याल रखना होगा.

News Source: Press Trust of India (PTI)

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