Shivam Mishra Arrested: कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे के आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे अब कोर्ट में पेश किया जाएगा.
12 February, 2026
कानपुर लैंबोर्गिनी कांड के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. थोड़ी देर में पुलिस शिवम मिश्रा को कोर्ट में पेश करेगी. कानपुर हादसा 8 फरवरी को हुआ था, जब तंबाकु कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा की लैंबोर्गिनी कार ने 6 लोगों कौ रौंद दिया था. चार दिन से पुलिस शिवम मिश्रा की तलाश कर रही थी. मामले में नया मोड़ तब आया शिवम मिश्रा के पक्ष ने ड्राइवर के ऊपर कार चलाने का आरोप लगाया, हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शिवम को ही मुख्य आरोपी माना है.
मामले में नया मोड़
बुधवार को शिवम मिश्रा ने दावा किया कि जब VIP रोड पर गाड़ी पैदल चलने वालों से टकराई, तो उस समय ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था और शिवम मिश्रा बगल वाली सीट पर बैठा था. ड्राइवर ने कहा उसने कहा, “जब एक्सीडेंट हुआ, तब मैं कार चला रहा था. अचानक, उसे दौरा पड़ा और वह मेरे ऊपर गिर गया. मैं डर गया और उसे एक हाथ से पकड़ने की कोशिश कर रहा था. कार एक थ्री-व्हीलर से टकराई, डिवाइडर पर चढ़ी और रुक गई.” उसने आगे दावा किया कि गाड़ी के ऑटोमैटिक लॉकिंग सिस्टम ने उसे एक्सीडेंट के तुरंत बाद बाहर निकलने से रोक दिया. मोहन ने कहा, “मैंने उसे ड्राइवर की सीट पर बिठाया और बाहर निकल गया. बाद में शीशा टूट गया.”

ड्राइवर ने किया था सरेंडर
अधिकारियों ने बताया कि ड्राइवर के वकील ने संबंधित कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दी थी, और अर्जी के बाद, मोहन बुधवार को फॉर्मल तौर पर सरेंडर करने के लिए कोर्ट में पेश हुआ. हालांकि, पुलिस का कहना है कि सबूतों से साफ पता चलता है कि शिवम ही ड्राइवर था और मामले में ड्राइवर को आरोपी नहीं बनाया गया है. कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ड्राइवर की सरेंडर की अर्जी खारिज कर दी. इससे पहले, शिवम के पिता मंगलवार को अपना बयान दर्ज कराने के लिए ग्वालटोली पुलिस स्टेशन आए थे और उन्होंने भी यही बात दौहराई की शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था.
पीड़ित से समझौता
रविवार दोपहर करीब 3 बजे ग्वालटोली इलाके में VIP रोड पर पैदल चलने वालों और गाड़ियों से टकरा गई थी. घायलों में से एक, मोहम्मद तौफीक (18), जो एक ई-रिक्शा ड्राइवर है, ने बाद में FIR दर्ज कराई. हालांकि, आरोपी के वकील ने दावा किया कि तौफीक ने कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है. शिवम मिश्रा के वकील धर्मेंद्र सिंह “धर्मू” ने बुधवार को दावा किया कि तौफीक आपसी समझौते पर पहुंच गए थे और वह ड्राइवर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते थे. धर्मू ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के समय मोहन कार चला रहा था और उसने तौफीक के मेडिकल खर्च और दूसरे नुकसान के लिए मुआवज़ा दिया था. हालांकि पीड़ित पक्ष ने और पुलिस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
News Source: PTI
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