Parliament Budget Session : सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एक नोटिस जारी किया है. इससे पहले विपक्ष ने भी ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेशन मोशन का नोटिस जमा किया.
Parliament Budget Session : संसद में बजट सत्र पर चर्चा जारी है और इसी बीच हंगामा भी जमकर हो रहा है. अब बहस सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं है बल्कि यह मामला अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया है. एक तरफ जहां पर विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नोटिस देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही है. दूसरी तरफ BJP सांसद निशिकांत दुब ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया. दुबे ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ ‘सब्सटैंटिव मोशन’ शुरू करने के लिए नोटिस दिया है. संसद भवन के कॉम्पेल्कस में PTI से बात करते हुए दुबे ने कहा कि राहुल सोरोस फाउंडेशन, USAID और फोर्ड फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाकर विदेश जाते हैं और भारत विरोधी तत्वों के साथ मिलते हैं.
इन संस्थानों के मिलकर जाते थे विदेश
आपको बताते चलें कि ‘सब्सटैंटिव मोशन’ एक इंडिपेंडेंट, सेल्फ-कंटेन्ड प्रपोजल होता है जिस लेजिस्लेटिव हाउस या असेंबली की मंजूरी के लिए किया जाता है. साथ ही यह प्रस्ताव किसी फैसले या राय को बताने के लिए ड्राफ्ट किया जाता है. वहीं, निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि कोई प्रिविलेज मोशन नोटिस नहीं है. मैंने सिर्फ एक सब्सटेंटिव मोशन नोटिस दिया है जिसमें मैंने बताया है कि कैसे वह सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और USAID के साथ थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जाते हैं.
मामला यह है कि बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण से संसद की राजनीति गरमा गई. उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से कनेक्ट करते हुए कहा कि जैसे खेल में ग्रिप और चोक होती है उसी तरह से राजनीति में कई तरह की अदृश्य तकनीकी होती है- बस कई बार वहीं दिखाई नहीं देती है. इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की आपत्ति के बाद राहुल पर विशेषाधिकार हनन का खतरा लगातार मंडरा रहा है. अगर विशेषाधिकार हनन साबित हो जाता है तो ये कांग्रेस नेता के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाएगी. मामला यहां तक पहुंच सकता है कि उनकी सांसदी भी खतरे में आ सकती हैं.
क्या विशेषाधिकार हनन?
सांसदों के पास कार्य निष्पादन के लिए विशेष अधिकार दिए जाते हैं. सदन का कोई सदस्य संस्था या फिर किसी व्यक्ति इन अधिकारों का उल्लंघन करना पाया जाता है या फिर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम करता है तो इसे विशेषाधिकार हनन कहा जाता है. वहीं, लोकसभा की आज शुरुआत हंगामे के साथ हुई. हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा और स्पीकर से भी राहुल गांधी की शिकायत की गई.
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News Source: PTI
