Bangladesh Election 2026 : बांग्लादेश में चुनाव हो चुका है और इसको लेकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि यूनुस खान जबरदस्ती सत्ता हथियाना चाहता है.
Bangladesh Election 2026 : बांग्लादेश में वोटिंग हो गई है और इस चुनाव को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि साल 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का तख्तापलट होने के बाद ये पहला इलेक्शन है. हालांकि, इस चुनाव में 299 सीटों पर 50 प्रतिशत से भी कम वोटिंग हुई. अब इसको लेकर शेख हसीना ने बयान जारी किया है. हसीना ने इस चुनाव हास्यासपद बताया है. उन्होंने कहा कि हत्यारे-फासीदावदी यूनुस के माजकिया चुनाव को नकारने के लिए माताएं, बहनें और सभी अल्पसंख्यक समुदाय शामिल हैं. हसीना ने कहा कि युनूस ने गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक तरीके से सत्ता हथियाना का काम किया है. यह एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया है.
संविधान की भावना का बहिष्कार किया
शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग के बिना हुए इस चुनाव में वोटर्स, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को पूरी तरह बहिष्कार किया है. 11 फरवरी की शाम से यह चाल पोलिंग सेंटर पर कब्जा करने, गोलीबारी, वोट खरीदने, पैसे बांटने, बैलेट पर मुहर लगाने और एजेंटों के रिजल्ट शीट पर साइन करने के साथ शुरू हुई. 12 फरवरी की सुबह तक देश भर में ज्यादातर पोलिंग सेंटर पर वोटर टर्नआउट बहुत कम था और राजधानी समेत कई इलाकों में बूथ पर कोई वोटर नहीं था.
सुनियोजित नाटक है चुनाव
शेख हसीना ने बांग्लादेश की जनता के नाम एक संदेश जारी करके कहा कि मोहम्मद यूनुस ने अवैध और असंवैधानिक रूप से सत्ता हथिया ली है. उनके द्वारा कराया गया तथाकथित चुनाव एक सुनियोजित नाटक था. उन्होंने आगे कहा कि इलेक्शन कमीशन की ब्रीफिंग के मुताबिक, सुबह 11 बज तक वोटिंग शुरू हुई मात्र 3.5 घंटे हुए थे जिसमें करीब 14.9 फीसदी लोगों ने ही वोट डाला था. इतना कम वोट दिखाता है कि अवामी लीग के समर्थकों ने चुनाव को पूरी तरह से नकार दिया है.
इसके अलावा शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने नई मांग कर दी. उन्होंने कहा कि अवामी लीग के वोटर्स, समर्थक और माइनॉरिटी कम्युनिटी पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. यही वजह है कि उन्हें पोलिंग बूथ पर जाने पर मजबूर होना पड़ा. साथ ही तमाम धमकियों और धोखाधड़ी के बाद भी उन्होंने धांधली चुनाव को नकार दिया.
क्या है पार्टी की मांग?
- गैर-संवैधानिक चुनाव को रद्द कर दिया जाए.
- हत्यारे-फासीवादी यूनुस का इस्तीफा.
- पत्रकारों, अध्यापकों और बुद्धजीवियों समेत राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जाए.
- अवामी लीग की एक्टिविटीज पर लगी रोक को निरस्त किया जाए.
- लोगों के वोटिंग अधिकार को बहाल करने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाएं जाएं.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
