Sabarimala Gold Theft : केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोने चोरी के मामले में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है. कोर्ट ने चेन्नई की स्मार्ट क्रिएशंस के CEO की याचिका को खारिज कर दिया.
Sabarimala Gold Theft : केरल के सबरीमाला मंदिर में सोने चोरी मामले में केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को चेन्नई की स्मार्ट क्रिएशंस के CEO की याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका में भगवान अयप्पा मंदिर से सोने की कथित हेराफेरी के मामले में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी. जस्टिस ए बदरुद्दीन ने स्मार्ट क्रिएशंस के सीईओ पंकज भंडारी की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने दावा किया था कि उनकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी. उन्होंने इस याचिका में बताया कि गिरफ्तारी की सूचना देने और उन्हें इसके कारणों की जानकारी देने जैसी शर्तों को पूरा नहीं किया.
गिरफ्तार करने वाले अधिकारी पर क्या बोला कोर्ट
प्रॉसिक्यूशन ने याचिका का विरोध करते हुए दावा किया कि जरूरी शर्तों का पालन किया गया और भंडारी की दलीलें बेबुनियाद थीं. दूसरी तरफ याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी करने वाले अधिकारी की एकमात्र गड़बड़ी यह है कि भंडारी को गिरफ्तार करने के बाद स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में समय पर पेश नहीं कर पाए. हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल जांच में लगने वाले समय और तिरुवनंतपुरम से कोल्लम तक 71 किलोमीटर का सफर करने की वजह से उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश करने में देरी हो गई.
SIT ने चोरी का किया दावा
जस्टिस बदरुद्दीन ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि गिरफ्तारी को गैर-कानूनी घोषित करने का कोई कारण है. यही वजह है कि गैर-कानूनी घोषित करने की याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. द्वारपालक की मूर्तियों और श्रीकोविल (पवित्र स्थान) के दरवाजों के फ्रेम से सोने की कथित हेराफेरी की जांच कर रही SIT ने दावा किया कि है कि भंडारी और बल्लारी ने सोना चुराने की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा SIT ने यह भी आरोप लगाया कि भंडारी और रोडम ने पहले आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ मिलकर सोने की चोरी की योजना बनाई थी, जो उन्होंने इलेक्ट्रोप्लेटिंग के काम के लिए दिया गया था.
बता दें कि सबरीमाला मंदिर में से सोना चोरी का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति और धार्मिक संस्था में हड़कंप मच गया. इस मामले में अब SIT की टीम तेजी से जांच कर रही है और नए सैंपल को इकट्ठा करने के लिए एक बार फिर मंदिर परिसर में पहुंची. केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में नए सैंपल को जुटाने की अनुमति दी थी. मामला यह है कि मंदिर में करीब 4.54 किलो सोना गायब हो गया था. साल 2019 में मंदिर के पवित्र हिस्से श्रीकोविल के दरवाजे और द्वारपालक मूर्तियों की मरम्मत और दोबारा गोल्ड प्लेटिंग के नाम पर सोने की हेराफेरी की गई.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
