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संसद सत्र में राहुल के व्यवहार पर भड़की भाजपाः कहा- कांग्रेस को लोकतांत्रिक निष्ठा में विश्वास नहीं

by Sanjay Kumar Srivastava
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संसद सत्र में राहुल के व्यवहार पर भड़की भाजपाः कहा- नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस को लोकतांत्रिक निष्ठा और नियमों में विश्वास नहीं

Attack on Rahul Gandhi: भाजपा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर बड़ा आरोप लगाया है. कहा कि कांग्रेसी सदन की किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, लोकतांत्रिक निष्ठा, संवैधानिक मर्यादा और नियमों में विश्वास नहीं करते हैं.

Attack on Rahul Gandhi: भाजपा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर बड़ा आरोप लगाया है. कहा कि कांग्रेसी सदन की किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, लोकतांत्रिक निष्ठा, संवैधानिक मर्यादा और नियमों में विश्वास नहीं करते हैं. भाजपा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि शुक्रवार को समाप्त हुए संसद के बजट सत्र के पहले चरण के दौरान उनका आचरण अराजक, अलोकतांत्रिक और राजनीतिक रूप से असभ्य रहा. भाजपा मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि गांधी के इशारे पर सत्र के दौरान कांग्रेस सदस्यों के व्यवहार से यह स्पष्ट हो गया कि वे सदन की किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, लोकतांत्रिक निष्ठा, संवैधानिक मर्यादा और नियमों में विश्वास नहीं करते हैं. भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी जो चाहेगा वही करेगा. यह चिंता का विषय है कि राहुल गांधी का पूरा आचरण अब अराजक होता जा रहा है.

राहुल को सीखने की सलाह

प्रसाद ने आरोप लगाया कि गांधी का संपूर्ण राजनीतिक आचरण अब अराजकता का प्रतीक बन गया है, क्योंकि कांग्रेस नेता ने सत्र के दौरान मानदंडों, संसदीय प्रक्रियाओं, संवैधानिक मर्यादा और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाया. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के इस व्यापक अराजक, अलोकतांत्रिक और राजनीतिक रूप से असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा करती है. उन्होंने आगे कहा कि गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता अपनी योग्यता या प्रतिभा के बल पर नहीं बने हैं. चूंकि वे विपक्ष के नेता बन चुके हैं, इसलिए उन्हें थोड़ा बहुत सीखना चाहिए. बजट सत्र का पहला चरण, जिसमें भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों पर तीखी बहसें हुईं, शुक्रवार को समाप्त हो गया. सदन अब 9 मार्च को पुनः बैठेगा.

बार-बार स्थगित करना पड़ा सत्र

सत्र का पहला भाग 28 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन के साथ शुरू हुआ. 2 फरवरी की दोपहर से लोकसभा में नाटकीय दृश्य देखने को मिले और बार-बार सत्र स्थगित करना पड़ा, जब अध्यक्ष ने गांधी को नरवणे के संस्मरण के उन अंशों को उद्धृत करने की अनुमति नहीं दी जो 2020 के भारत-चीन संघर्ष से संबंधित थे. आने वाले दिनों में सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन और नाटकीय दृश्य देखने को मिले, जिसके परिणामस्वरूप सात कांग्रेस सांसदों और एक सीपीआई-एम सदस्य को बजट सत्र के शेष भाग के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया. विपक्ष ने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने का नोटिस भी प्रस्तुत किया.

ये भी पढ़ेंः राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने के लिए BJP ने दिया नोटिस, बताया ये गंभीर कारण

News Source: Press Trust of India (PTI)

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