Seva Teerth: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नया प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया. मोदी ने इन इमारतों को देश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला ‘मील का पत्थर’ बताया.
Seva Teerth: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नया प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया. मोदी ने शुक्रवार को विकसित भारत के संकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नए पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’ और केंद्रीय सचिवालय के दो नए भवनों ‘कर्तव्य भवन 1 और 2’ का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ये भवन नागरिक केंद्रित शासन और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं. मोदी ने इन इमारतों को देश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला ‘मील का पत्थर’ बताया. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने जोर दिया कि ये नई संरचनाएं कार्यक्षमता बढ़ाकर राष्ट्र निर्माण के लक्ष्यों को गति प्रदान करेंगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण ब्लॉक और उत्तर ब्लॉक जैसी ऐतिहासिक इमारतें, जिनमें अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा रक्षा, गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय स्थित थे, ब्रिटिश साम्राज्य के आदर्शों को दर्शाती थीं, लेकिन सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का निर्माण देश की जनता की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए किया गया है.
जनता की आकांक्षाओं को समर्पित
उन्होंने कहा कि यहां लिए गए निर्णय किसी सम्राट की इच्छा को प्रतिबिंबित करने के बजाय 140 करोड़ नागरिकों की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे. इसी भावना के साथ मैं सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन को देश की जनता को समर्पित करता हूं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नया प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है. गृह मंत्री ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन को भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में सार्वजनिक सेवा को स्थापित करने का एक ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि सेवा तीर्थ पिछले 11 वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है.
विकसित भारत की ओर कदम
कहा कि विकास और कल्याणकारी पहलों को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाकर, यह एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा. प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ में स्थानांतरित हो गया है, जिससे कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के कार्यालय, जो अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे, एक ही स्थान पर आ गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि 2014 से मोदी सरकार भारत के औपनिवेशिक अतीत के प्रतीकों से दूर जाने और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है. उन्होंने बताया कि अब प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ कहा जाएगा. केंद्रीय सचिवालय भवनों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया है और राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है. इसी भावना के अनुरूप, रेस कोर्स रोड, जहां प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास स्थित है, का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया है और राजभवन और राज निवास का नाम बदलकर क्रमशः लोक भवन और लोक निवास कर दिया गया है.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
