MP Budget Ruckus: मध्य प्रदेश विधानसभा में आज बजट पेश होने से पहले विपक्ष ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. उन्होंने गुल्लक और फूटी मटकी के साथ कर्च के मुद्दे पर सरकार को घेरा.
18 February, 2026
- भोपाल से नितिन ठाकुर की रिपोर्ट
मध्य प्रदेश विधानसभा में आज बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश किया, लेकिन बजट से ठीक पहले जबरदस्त सियासी पारा देखने को मिला। बजट भाषण शुरू होने से चंद मिनट पहले ही विपक्ष ने सदन के बाहर मोर्चा खोल दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने अनोखा प्रदर्शन कर सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। हाथों में खाली गुल्लक और फूटी हुई मटकियां लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए मोहन यादव सरकार को दिवालिया करार दिया।
राज्य के कर्ज पर हमलावर विपक्ष
प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने संदेश देने की कोशिश की कि प्रदेश की तिजोरी खाली है और सरकार केवल कर्ज के भरोसे चल रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखे लहजे में कहा कि यह बजट कुछ और नहीं, बल्कि केवल आंकड़ों की बाजीगरी और जनता के साथ छलावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास जनता की जेब भरने के लिए कोई विजन नहीं है, इसीलिए विपक्ष आज खाली गुल्लक लेकर सरकार को आईना दिखाने आया है। विपक्ष के नेताओं ने गुल्लक और फूटी मटकी लेकर प्रदर्शन किया।

कर्ज के दलदल में फंसा मध्य प्रदेश
कांग्रेस का मुख्य आरोप प्रदेश पर बढ़ते वित्तीय बोझ को लेकर रहा। विपक्ष के अनुसार मध्य प्रदेश पर कर्ज का आंकड़ा करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उमंग सिंघार ने कहा जब सरकार कर्ज के दलदल में डूबी हो तो वह विकास का बजट कैसे दे सकती है। जनता के हाथ में इस बार भी सिर्फ खाली कटोरा ही आने वाला है। कांग्रेस विधायकों ने इस बजट को केवल लोक.लुभावन घोषणाओं का पुलिंदा बताते हुए दावा किया कि इसमें मध्यम वर्ग, युवाओं और किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं होंगे।
सदन में हंगामा
गांधी प्रतिमा के पास हुए इस प्रदर्शन ने सदन के भीतर की तस्वीर भी साफ कर दी है। बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह सरकार को आसानी से बजट पास नहीं करने देगा। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सत्ता पक्ष इस बजट को ऐतिहासिक, सर्वस्पर्शी और विकसित मध्य प्रदेश का रोडमैप बता रहे हैं, वहीं विपक्ष ने इसे दिखावे का बजट करार देकर सदन की कार्यवाही से पहले ही घेराबंदी कर दी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बजट पिटारे से क्या निकलता है, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। एक ओर विपक्षी दल सरकार को आर्थिक मोर्चे पर विफल बता रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार का दावा है कि यह बजट कृषि कल्याण और अधोसंरचना विकास की नई नींव रखेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष के इस भारी हंगामे और खाली गुल्लक वाले आरोपों का जवाब वित्त मंत्री अपने भाषण के माध्यम से किस तरह देते हैं।
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