Yadav Ji Ki Love Story: उत्तर प्रदेश में ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म पर विवाद के बाद अब ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर भी लोगों का गुस्सा भड़क उठा.
Yadav Ji Ki Love Story: उत्तर प्रदेश में ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म पर विवाद के बाद अब ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर भी लोगों का गुस्सा भड़क उठा. यादव समुदाय के सदस्यों ने बुधवार को संभल में विरोध प्रदर्शन किया. आरोप लगाया कि जल्द ही रिलीज होने वाली हिंदी फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ सकती है और समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है. विरोध प्रदर्शन में कई गांवों के लोग गनवा रोड पर खिरनी चौराहे के पास जमा हुए और फिल्म के पोस्टर जलाए. प्रदर्शनकारियों ने फिल्म की रिलीज पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की. अंकित भड़ाना द्वारा निर्देशित और संदीप तोमर द्वारा ओम ठाकुरानी प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित इस कम बजट की रोमांटिक फिल्म में प्रगति तिवारी, विशाल मोहन, अंकित भड़ाना, सुविंदर विक्की, मानसी रावत और दीपक कपूर जैसे नवोदित कलाकार हैं. फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.
शीर्षक के साथ-साथ फिल्म पर भी आपत्ति
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें फिल्म के शीर्षक के साथ-साथ फिल्म पर भी आपत्ति है, जिसमें समुदाय की एक महिला को दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध में दिखाया गया है, जो अपमानजनक है. उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है. प्रदर्शनकारी देवेंद्र यादव ने कहा कि दर्जनों गांवों से समुदाय के सदस्य फिल्म का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हमारा देश भाईचारे का प्रतीक है. ऐसी फिल्म सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ेगी और अशांति पैदा करेगी. अगर कोई फिल्म हमारी बहनों और बेटियों की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, तो गुस्सा आना स्वाभाविक है. यह देश के लिए अच्छा नहीं है. एक अन्य समुदाय सदस्य बृजेश यादव ने कहा कि वे फिल्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि हम उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय जा रहे हैं. 21 फरवरी को हम जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपेंगे और रैली निकालेंगे.
बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निर्माता और निर्देशक को न्याय के हित में इस फिल्म की रिलीज रोकनी चाहिए, क्योंकि यह यादव समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाती है. अगर इसे नहीं रोका गया तो हम एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे. प्रदर्शनकारी जीत पाल यादव ने दावा किया कि फिल्म में ऐसी घटनाओं को दर्शाया गया है जो कभी घटी ही नहीं और यह समुदाय को अनुचित रूप से निशाना बनाती है. उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है. यह फिल्म गलत संदेश फैलाएगी और शत्रुता बढ़ाएगी. यादव समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है. आरोपों के संबंध में फिल्म निर्माताओं की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. यह आंदोलन इसी महीने की शुरुआत में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के शीर्षक को लेकर हुए एक विवाद के ठीक बाद हुआ है. एक याचिका में शीर्षक को अपमानजनक और मानहानिकारक बताया गया था, जिसके बाद नेटफ्लिक्स ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि मनोज बाजपेयी अभिनीत इस फिल्म का नाम बदल दिया जाएगा.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
