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‘प्रोफेसर को रोबोट की जानकारी नहीं’, बेइज्जती के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने मांगी माफी

by Neha Singh
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Galgotias University

Galgotias University: ग्रेटर नोएडा की प्राइवेट यूनिवर्सिटी गलगोटियास ने बुधवार को कन्फ्यूजन के लिए माफी मांगी और कहा कि उनके रिप्रेजेंटेटिव को गलत जानकारी थी.

19 February, 2026

गलोगोटिया यूनिवर्सिटी इस समय सुर्खियों में बनी हुई है. कारण है AI इम्पैक्ट समिट में बोला गया उनका झूठ. ग्रेटर नोएडा की प्राइवेट यूनिवर्सिटी गलगोटियास ने बुधवार को “कन्फ्यूजन” के लिए माफी मांगी, जब इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान चीन में बने रोबोटिक कुत्ते को अपने इनोवेशन के तौर पर दिखाने पर विवाद हुआ. यूनिवर्सिटी ने कहा कि पवेलियन में मौजूद उसके एक रिप्रेजेंटेटिव को “गलत जानकारी” थी, जिस कारण यह पूरा विवाद खड़ा हुआ.

क्या है पूरा विवाद

बता दें, दिल्ली में में इस समय AI इम्पैक्ट समिट चल रहा है, जिसमें यूनिवर्सिटी की कम्युनिकेशन प्रोफेसर नेहा सिंह ने मंगलवार को DD न्यूज़ को एक रोबोटिक कुत्ता ओरियन दिखाते हुए कहा कि इसे “गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ने बनाया है.” जैसे ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, सोशल मीडिया यूज़र्स ने बताया कि रोबोट असल में एक यूनिट्री Go2 था, जिसे चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स ने बनाया है और दुनिया भर में रिसर्च और एजुकेशन में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है. यूनिवरिस्टी का झूट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उसका मजाक बनने लगा.

प्रोफेसर ने बदला बयान

जैसे ही यह मामला विवाद में बदला, समिट के आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को AI समिट में स्टॉल खाली करने के लिए कहा. इसके बाद प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी ने कहा कि उन्होंने रोबोट को अपना इनोवेशन नहीं बताया था. प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा कि “रोबोट डॉग के बारे में, हम यह दावा नहीं कर सकते कि इसे हमने बनाया है. मैंने सभी को बताया है कि हमने इसे अपने स्टूडेंट्स को इंस्पायर करने के लिए इंट्रोड्यूस किया ताकि वे खुद कुछ बेहतर बना सकें.” लेकिन यूनिवर्सिटी ने अपनी गलती मान ली है और कहा कि नेहा सिंह को गलत जानकारी थी.

यूनिवर्सिटी ने मांगी माफी

यूनिवर्सिटी के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा, “हम हाल ही में हुए AI समिट में हुए कन्फ्यूजन के लिए माफी मांगना चाहते हैं. पवेलियन में मौजूद हमारे एक रिप्रेजेंटेटिव को गलत जानकारी थी.” प्रवक्ता ने आगे कहा, “उन्हें प्रोडक्ट के टेक्निकल ओरिजिन के बारे में पता नहीं था और कैमरे पर आने के जोश में, उन्होंने गलत जानकारी दी, जबकि उन्हें प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था. इनोवेशन को गलत तरीके से दिखाने का कोई इंस्टीट्यूशनल इरादा नहीं था.” इससे पहले बुधवार को IT सेक्रेटरी एस कृष्णन ने कहा था कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी एग्ज़िबिटर ऐसी चीज़ें दिखाए जो उनकी अपनी न हों.

News Source: PTI

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