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महाराष्ट्र में शरद पवार के नाम पर सस्पेंस, MVA में मंथन तेज, 26 से शुरू होगी राज्यसभा की चुनावी जंग

by Live Times
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महाराष्ट्र में शरद पवार के नाम पर सस्पेंस बरकरार, MVA में मंथन तेज, 26 फरवरी से शुरू होगी राज्यसभा की चुनावी जंग

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. इस बार वरिष्ठ नेता शरद पवार को राज्यसभा भेजने का मुद्दा चर्चा का केंद्र बना है.

  • मुंबई से मनीष की रिपोर्ट

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. इस बार वरिष्ठ नेता शरद पवार को राज्यसभा भेजने का मुद्दा चर्चा का केंद्र बना है. महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दलों के बीच इसे लेकर अंदरखाने खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा की संभावित रिक्त सीट को लेकर सहयोगी दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन मामला पूरी तरह सुलझा नहीं है. MVA में प्रमुख रूप से कांग्रेस, UBT और एनसीपी शरद गुट शामिल हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर शरद पवार को राज्यसभा भेजा जाता है तो यह न केवल उनके राजनीतिक अनुभव का उपयोग करने की रणनीति होगी, बल्कि आगामी चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता का भी संदेश होगा. हालांकि, सीटों के बंटवारे और प्रतिनिधित्व को लेकर सहयोगी दलों की अपनी-अपनी दावेदारियां भी हैं.

कांग्रेस, UBT और शरद गुट के बीच समीकरणों का खेल

कांग्रेस के कुछ नेताओं का तर्क है कि राज्यसभा सीट पर उनका भी मजबूत दावा बनता है, क्योंकि संगठनात्मक स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है. वहीं शिवसेना (यूबीटी) खेमे का मानना है कि गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने के लिए सभी दलों के हितों का संतुलन जरूरी है. ऐसे में शरद पवार के नाम पर सहमति बनाना आसान नहीं दिख रहा. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शरद पवार का संसदीय अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता विपक्ष के लिए अहम साबित हो सकती है. वे पहले भी कई बार संसद में अपनी प्रभावी भूमिका निभा चुके हैं. ऐसे में उन्हें राज्यसभा भेजना विपक्षी राजनीति को धार देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. दूसरी ओर, भाजपा और महायुति खेमे की नजर भी इस घटनाक्रम पर है. अगर MVA के भीतर सहमति नहीं बनती, तो इसका असर गठबंधन की एकजुटता पर पड़ सकता है.

16 मार्च को होगा मतदान

आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह फैसला राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कुल मिलाकर, शरद पवार को राज्यसभा भेजने का सवाल केवल एक सीट का मामला नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति के भविष्य से जुड़ा हुआ है. अब देखना होगा कि MVA नेतृत्व आपसी मतभेद सुलझाकर कोई सर्वसम्मत फैसला ले पाता है या नहीं. चुनाव आयोग के अनुसार, राज्यसभा के लिए ये सीटें महाराष्ट्र (7), ओडिशा (4), तेलंगाना (2), तमिलनाडु (6), छत्तीसगढ़ (2 सीटें), पश्चिम बंगाल (5), असम (3), हरियाणा (2), हिमाचल प्रदेश (1) और बिहार (5) में हैं. चुनाव के लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की जाएगी और 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा. मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी.

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