Rajkot News : गुजरात के राजकोट में नगर निगम का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. जंगलेश्वर क्षेत्र में आजी नदी के किनारे बसे घरों को नगर निगम ने तोड़ना शुरू कर दिया है.
Rajkot News : गुजरात के राजकोट स्थित जंगलेश्वर क्षेत्र में नगर निगम में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. इस एरिया को 7 जोन में बांटा गया और कड़ी पुलिस की सुरक्षा में 1,500 घरों में से पहले दिन ही 1,119 को ढहा दिया गया. बताया जा रहा है कि बाकी घरों को आज खाली करवाया जा रहा है. घर गिराने की कार्रवाई के दौरान क्लास-1 ऑफिसर और टेक्निकल टीमें भी तैनात की गई है, जिन्हें JCB, ट्रैक्टर, ब्रेकर और डंपर सहित 260+ मशीनों का सपोर्ट मिला है.
इतिहास का सबसे बड़ा अभियान
इसके अलावा अतिक्रमण वाले इलाकों में पुलिस ड्रोन ने निगरानी बनाए हुए है और राजकोट में नगन निगार का यह सबसे बड़ा डिमोलिशन अभियान है. राजकोट के आदी नदी के किनारे वार्ड नंबर 16 और 17 में जंगलेश्वर समेत क्षेत्र में 1,119 से ज्यादा अवैध मकानों और दुकानों ढहा दिया गया है. इस मेगा डिमोलिशन में नगर निगम के 700 और 1500 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजकोट के अलावा मोरबी, सुरेन्द्रनगर और जामनगर पुलिस को भी बुलाया गया है. इसके साथ ही PGVCL और अग्निशमन कर्मियों की भी तैनात की गई है.
पुलिस ने की थी इलाके में पेट्रोलिंग
बताया जा रहा है कि बीते 40-50 सालों में लोगों ने आजी नदी के किनारे जंगलेश्वर इलाके में अवैध रूप में दुकान और घर बसा लिए थे. प्रशासन ने उन्हें कई बार कहा था कि अतिक्रमण नहीं किया जाए. इसके बाद भी यह लगातार बढ़ता जा रहा था. रविवार की रात नगर निगम और पुलिस की एक टीम ने जंगलेश्वर समेत कई इलाकों में अवैध मकानों और दुकानों को खाली करने के लिए फुट पेट्रोलिंग की थी. ऐसे में कुछ लोगों ने खुद ही अपने मकान और दुकान तोड़ने शुरू कर दिए.
इलाके में 4 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर मनाही
वहीं, कानूनी नोटिस की समय अवधि पूरी होते ही जंगलेश्वर इलाके में नगर-निगम की बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है. साथ ही जिन जगहों पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है, वहां 26 फरवरी तक पुलिस ने 4 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिए है और यह फैसला लिए लिया गया है ताकि अतिक्रमण में कोई कार्रवाई न आए.
आपको बताते चलें कि प्रशासन ने इस बात की आशंका जताई थी कि अतिक्रमण हटने के बाद इलाके में बाढ़ से राहत मिल सकती है. आजी नदी के किनारे पर हुए अतिक्रमण से नदी बहाव पर भी असर पड़ रहा है. लेकिन अतिक्रमण दूर किए जाने के बाद आजी नदी की चौड़ाई बढ़ जाएगी.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
