MP News: मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह ने अवैध खनन के मुद्दे पर प्रदेश की भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है.
MP News: मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह ने अवैध खनन के मुद्दे पर प्रदेश की भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में खनिज माफियाओं का बोलबाला है. यह पूरा काला कारोबार सरकार व पुलिस के संरक्षण में फल फूल रहा है. डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते अवैध खनन नहीं रुका तो सिंध और चंबल जैसी नदियों का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा. डॉ. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि मुरैना में हाल ही में वनकर्मी हरकेश गुर्जर की ट्रैक्टर से कुचलकर की गई हत्या इस बात का प्रमाण है कि माफिया कितने बेखौफ हैं.
सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप
उन्होंने दावा किया कि अवैध परिवहन में लगे ट्रैक्टर भाजपा के उन नेताओं के हैं, जो युवा मोर्चा से जुड़े हुए हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि सत्ता के करीब होने के कारण इन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती. साथ ही लहार विधायक पर भी उन्होंने अवैध खनन कराने के सीधे आरोप लगाए. खनन माफियाओं के खूनी इतिहास को साझा करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में अवैध खनन के कारण मुरैना में 13, भिंड में 19 और दतिया में भी कई हत्याएं हो चुकी हैं. उन्होंने वर्ष 2012 में शहीद हुए आईपीएस नरेंद्र कुमार की घटना को याद दिलाते हुए कहा कि हालात अब और भी बदतर हो गए हैं.
नदियों का किया जा रहा दोहन
कहा कि पुलिस की नाक के नीचे पोकलेन मशीनों से नदियों का दोहन किया जा रहा है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने अवैध कारोबार के आर्थिक गणित का खुलासा करते हुए कहा कि भिंड जिले से उत्तर प्रदेश के जालौन, उरैया और इटावा में हर दिन 200 से 300 ट्रैक्टर अवैध रेत भेजी जा रही है. एक ट्रैक्टर से करीब 5 हजार रुपये की वसूली की जाती है.
सीएम से सख्त कार्रवाई की मांग
डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि भिंड में पुलिस के संरक्षण में रोजाना 40 से 50 लाख रुपये तक की अवैध उगाही हो रही है, जिसका हिस्सा भाजपा नेताओं और पुलिस अधिकारियों तक पहुंच रहा है. डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि रसूखदारों के इशारे पर 5 हजार रुपये की रेत आम जनता को 12 से 15 हजार रुपये प्रति ट्रॉली में बेची जा रही है, लेकिन पुलिस आंखें बंद करके बैठी है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि केवल बयानबाजी के बजाय धरातल पर माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की जाए ताकि जनता की संपत्ति और प्रदेश की नदियों को बचाया जा सके.
ये भी पढ़ेंः सशक्त किसान, सुरक्षित भारत: रायसेन में 11 अप्रैल से ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ का आगाज
