Iran Ceasefire : ईरान युद्ध के दौरान वहां पर रह रहे लोगों को जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था, उनकी मदद के लिए भारतीयों ने हाथ बढ़ाया. इस दौरान भारत ने चिकित्सा और अन्य मानवीय मदद भेजने का काम किया.
Iran Ceasefire : ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते तक जारी सीजफायर को स्थायी बनाने के लिए इस्लामाबाद में बातचीत शुरू हो गई है. दोनों ही देशों के प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान पहुंच चुके हैं और अब उम्मीद है कि कोई बीच का रास्ता निकले, जिसके बाद मिडिल ईस्ट में जारी जंग खत्म हो सके. इसी बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने भारतीय जनता का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि मैं इसे अपना कर्तव्य मानता हूं कि मैं भारत की जनता और सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करूं. उन्होंने इस कठिन समय में ईरान की जनता और सरकार के प्रति अपनी सहानुभूति और एकजुटता दिखाई.
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने बताया कि भारत की जनता से मिले स्वैच्छिक योगदान का उपयोग दवाएं खरीदने के लिए किया गया है. इस पर राजदूत ने कहा कि भारतीय जनता ने साबित कर दिया है कि वे मुश्किल समय में भरोसेमंद और दयालु भागीदार हैं. साथ ही मैं भारत सरकार का भी धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुगम बनाया है.
VIDEO | Iran Ambassador to India Mohammad Fathali says, “I consider it my duty to express sincere gratitude to the people and the Government of India for their sympathy and solidarity with the people and government of the Islamic Republic of Iran during these difficult times. The… pic.twitter.com/UHVdXqIfQp
— Press Trust of India (@PTI_News) April 11, 2026
प्रभावित क्षेत्रों में बांटा गया
इंडिया ने इससे पहले भी चिकित्सा सहायता भेजी थी, जिसको प्रभावित क्षेत्रों में वितरित किया गया था. दूसरी खेप भेजने का मतलब है कि भारत अपने मित्र देशों के साथ संकट की घड़ी में हर संभव खड़ा है. इस तरह की मानवीय सहायता न केवल मजलूम को मदद मिलती है बल्कि दो देशों के बीच में कूटनीतिक संबंध भी मजबूत करने का करती है. भारत ने इस बात को हमेशा दोहराया है कि वह वैश्विक स्तर पर मानवीय सहायता और राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका हमेशा निभाता रहेगा. खासकर जब किसी देश के लोगों को चिकित्सा और आपात सहायता की जरूरत है.
क्या स्थायी रूप से लागू होगा सीजफायर
वहीं, भारी तबाही के बाद मिडिल ईस्ट में सीजफायर का ऐलान कर दिया गया है और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान में द्विपक्षीय वार्ता चल रही है. अगर यह बातचीत सफल हो जाती है तो स्थायी रूप से सीजफायर का ऐलान कर दिया जाएगा. वहीं, बातचीत शुरू होने से पहले ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने जर्मनी मंत्री जोहान वाडेफुल से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पहली बात यह है कि ईरान बिना भरोसे के बातचीत करने के लिए जा रहा है.
हम जिम्मेदार देश की तरह काम कर रहे
उन्होंने कहा कि दूसरी बात यह है कि ईरान ने सीजफायर के लिए इसलिए सहमति जताई कि हम एक जिम्मेदार देश की तरह काम कर रहा है. लेकिन ईरान की शर्तें हैं कि सबसे पहले युद्ध को खत्म किया जाए, ईरान को हुए नुकसान को हर्जाना दिया जाए और जो लोग इस हमले के जिम्मेदार हैं उनकी जवाबदेह तय की जाए.
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News Source: PTI
