Congress Protest : कांग्रेस ने राजस्थान में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान विधायकों ने ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ स्लोगन लिखी टी-शर्ट भी पहनी हुई थी और वह असेंबली भी इसी टीशर्ट को पहनकर गए.
Congress Protest : दिल्ली में आयोजित AI समिट में कांग्रेस के यूथ वर्कर्स ने शर्टलेस प्रदर्शन करके विवाद पैदा कर दिया था. अब यह विवाद राजस्थान में भी प्रवेश कर गया है. राजस्थान के विधायकों ने गुरुवार को राज्य असेंबली में ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ स्लोगन लिखी सफेद टी-शर्ट पहनकर इंडिया-US ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया. साथ ही वह वहीं, टीशर्ट पहनकर हाउस की कार्यवाही में भी हिस्सा लेने के लिए पहुंच गए. MLA’s असेंबली के मेन कॉम्प्लेक्स की एंट्री के सामने इकट्ठा हुए, हाथों में प्लेकार्ड लिए और नारे लगाते हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ट्रेड एग्रीमेंट से किसानों और छोटे व्यापारियों पर बुरा असर पड़ेगा.
प्रधानमंत्री ने समझौता किया : कांग्रेस
कांग्रेस विधायक अमीन काग़जी ने रिपोर्टर्स से कहा कि प्रधानमंत्री ने समझौता किया है और दावा किया कि कुछ इंटरनेशनल खुलासों ने कई गंभीर भी सवाल खड़े किए हैं. काग़जी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का पर्दाफाश हो गया है और लोग उनसे जवाब भी मांग रहे हैं. MLA ने कहा कि एपस्टीन फाइलों की वजह से प्रधानमंत्री दबाव में थे. इसी बीच काग़जी ने आरोप लगाया कि केंद्र की पॉलिसी किसानों और देश के हितों के खिलाफ काम कर रही हैं. MLA रामनिवास गवरिया ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में किसानों की बात करते हैं, लेकिन जब उनकी सरकार पॉलिसी बनाती हैं तो लोग उन पर भरोसा नहीं कर पाते हैं.
किसानों को होगी साधने की कोशिश
ट्रेड डील के मुद्दे को अब कांग्रेस पूरी तरह सियासी रंग में जुट गई है. इस विरोध के माध्यम में कांग्रेस का थिंक टैंक किसानों को भी साधने की कोशिश करेगी और बताएगी कि इस डील के माध्यम से वो कैसे खेती को अमेरिका के हवाला करने के लिए प्लानिंग बना रही है. लिहाजा अब कांग्रेस ने 8 कृषि आधारित और किसान बाहुल्य वाले राज्यों में कांग्रेस ने मूवमेंट भी शुरु कर दिया है. साथ ही पार्टी किसान सम्मेलन के माध्यम से सिर्फ ट्रेड डील को लेकर जागृत कर रही है. कांग्रेस ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौता पूरी तरह भारतीय किसानों के खिलाफ है. इससे फ्यूचर में किसानों को भारी नुकसान होने वाला है.
यह भी पढ़ें- PM मोदी को मिला इजरायली संसद का सर्वोच्च सम्मान, नेतन्याहू बोले- दोस्त से बढ़कर हैं नरेंद्र
