Asha Bhosle Bhajan: आशा ताई इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी हैं, लेकिन उनकी आवाज अमर है. हम सभी ने उनके गाने सुनकर एन्जॉय किया होगा, लेकिन आज हम आपको उनके भक्ति गीतों के बारे में बताएंगे.
13 April, 2026
लेजेंड्री सिंगर आशा भोसले ने 92 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है. 12 अप्रैल यानी बीते रविवार को मुंबई के कैंडी ब्रीच अस्पताल में उनका निधन हो गया. आज शाम को आशा ताई का अंतिम संस्कार किया जाएगा. शनिवार को कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां रविवार को उनका निधन हो गया. वे लंबे समय से चेस्ट इन्फेक्शन से पीड़ित थीं. आशा ताई के जाने से पूरी इंडस्ट्री की आंखें नम हैं. आशा जी भले ही दुनिया छोड़कर चली गईं, लेकिन आवाज अमर रहेगी और हमें उनकी याद दिलाती रहेगी.

12,500 से ज्यादा गाने गाए
सुरों की मल्लिका कही जाने वाली भोसले ने अपने पूरे जीवन में 20 भाषाओं में 12500 से ज्यादा गाने गाएं हैं. उनके क्लासिक गाने आज भी हर किसी की प्लेलिस्ट में जरूर होते हैं. भारतीय संगीत की मशहूर सिंगर आशा भोसले ने न सिर्फ़ अपनी सुरीली आवाज़ से फ़िल्मी गानों को अमर बनाया, बल्कि भक्ति संगीत में भी अपनी अलग पहचान बनाई. अपने सात दशक के म्यूज़िकल करियर में, उन्होंने क्लासिकल, प्लेबैक, गजल, भजन और लोकगीत जैसे अलग-अलग तरह के गाने गाए हैं. हम सभी ने उनके गाने सुनकर एन्जॉय किया होगा, लेकिन आज हम आपको उनके भक्ति गीतों के बारे में बताएंगे.
आशा भोसले के सुरीले भजन
- चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है
- ओ शेरोंवाली, ऊंचे डेरोंवाली बिगड़े बना दे मेरे काम
- ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
- साईं बाबा, साईं बाबा
तूने हमको जन्म दिया है,
तूने ही पाला, साईं बाबा - हे, रोम-रोम में बसने वाले राम
जगत के स्वामी, हे अंतर्यामी
मैं तुझसे क्या मांगू? मैं तुझसे क्या माँगू?
हे, रोम-रोम में बसने वाले राम - हे महादेव, जय जय जय शिव शंकर,
जय शिव शंकर, जय शिव शंकर, - रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम - तोरा मन दर्पण कहलाये
भले बुरे सारे कर्मों को, देखे और दिखाये
तोरा मन दर्पण कहलाये - वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे
पर दुख्खे उपकार करे तोये मन अभिमान ना आणे रे
वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे - मन तरपत हरी दर्शन को आज
मोरे तुम बिन बिगरे सगरे काज
हो बिनती करत हूँ, रखियो लाज
मन तरपत हरी दर्शन को आज
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