Home Latest News & Updates श्रद्धा और प्रकृति का मिलन: सुहावने मौसम के बीच मां पूर्णागिरि मेले का भव्य उत्सव शुरू, धामी ने मांगा आशीर्वाद

श्रद्धा और प्रकृति का मिलन: सुहावने मौसम के बीच मां पूर्णागिरि मेले का भव्य उत्सव शुरू, धामी ने मांगा आशीर्वाद

by Live Times
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श्रद्धा और प्रकृति का मिलन: सुहावने मौसम के बीच मां पूर्णागिरि मेले का भव्य उत्सव शुरू, मुख्यमंत्री ने मांगा आशीर्वाद

Maa Purnagiri Dham: उत्तराखंड के टनकपुर स्थित मां पूर्णागिरि धाम पर लगने वाले वार्षिक मेले का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री धामी ने पूजा-पाठ कर किया.

  • टनकपुर (चंपावत) से अनुज कुमार शर्मा की रिपोर्ट

Maa Purnagiri Dham: उत्तराखंड के सीमांत जनपद चंपावत के टनकपुर स्थित मां पूर्णागिरि धाम पर लगने वाले वार्षिक मेले का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पूरे विधि विधान के साथ पूजा पाठ कर किया गया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रार्थना करते हुए कहा कि मां पूर्णागिरि का आशीर्वाद उत्तराखंड वासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं पर सदैव बना रहे. उन्होंने उत्तराखंड की पवित्र भूमि को देवताओं का धाम बताते हुए कहा कि प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है. उन्होंने कहा कि मेले का आयोजन ऐसे समय में होता है जब मौसम सुहावना हो जाता है और प्रकृति स्वयं तीर्थयात्रियों का स्वागत करती है. उन्होंने इस मेले को सालभर संचालित करने का संकल्प लेते हुए कहा कि पूर्णागिरि धाम को स्थायी संरचनाओं से सुसज्जित करने का लक्ष्य तय किया गया है. आगामी वर्षों में यह स्थान और भी भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी. उन्होंने कहा कि सरकार मां पूर्णागिरि धाम के विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आने वाले समय में इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.

पूर्णागिरि क्षेत्र के लिए बनेगा विशेष धार्मिक पर्यटन सर्किट

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन आने वाले श्रद्धालुओं हेतु आवागमन को सुगम बनाने के प्रयास करे तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जनपद में संचालित विभिन्न विकासपरक योजनाओं पर भी प्रकाश डाला. कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके. इसके साथ ही मां पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य न केवल मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा को और सुविधाजनक बनाना है, बल्कि पूरे चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना भी है. इस सर्किट के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जाएगा, जिससे चम्पावत को धार्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके.

पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना मां पूर्णागिरि मेले को 12 महीने संचालित करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. इस सर्किट के अंतर्गत पूर्णागिरि धाम के साथ-साथ अन्य प्रमुख मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और साहसिक गतिविधियों के केंद्रों को भी जोड़ा जाएगा. इस पहल से श्रद्धालु केवल मां पूर्णागिरि धाम तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे. कहा कि सरकार इस परियोजना को सफल बनाने के लिए बेहतर सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है. साथ ही, पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण, मल्टी-लेवल पार्किंग और परिवहन सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक सुगमता से यात्रा कर सकें.

मेला क्षेत्र की अच्छी व्यवस्था पर जोर

उन्होंने कहा कि संपूर्ण चंपावत को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित व अग्रणी बनाने का कार्य किया जा रहा है. कनेक्टिविटी तथा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य किया जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मां पूर्णागिरि धाम में आज की अपेक्षा कहीं अधिक गुना श्रद्धालु पहुंचेंगे. उस समय इंफ्रास्ट्रक्चर व व्यवस्था चाहिए इसलिए वर्तमान में भविष्य की दृष्टि से कार्य किए जा रहे हैं. यह हमारा कर्तव्य है कि प्रत्येक वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाएं और मेले के अच्छे अनुभव लोगों को साझा कर उन्हें भी मेले में आने के लिए प्रेरित करें. पूरा मेला क्षेत्र तथा हमारा शहर स्वच्छ हो. आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हो, जगह-जगह बने शौचालय साफ हो, धर्मशाला की स्थिति अच्छी हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा.

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