Iran-Israel War : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तेल टैंकर पर ईरान ने ड्रोन से हमला कर दिया. इस जहाज में 15 क्रू मेंबर सवार थे और उसमें 15 भारतीय भी थे. ओमान के पास किया गया ये हमला बताता है कि जंग का विस्तार होने लगा है.
Iran-Israel War : अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में जंग गहराती जा रही है. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह उन लोगों को बख्शने वाला नहीं है जिन्होंने सुप्रीम लीडर को मारा है. इसी कड़ी में ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर ईरान ने ड्रोन से हमला कर दिया है. यह हमला इसलिए भी काफी चौंकाना वाला है क्योंकि इस जहाज पर 15 भारतीय भी सवार थे. इस हमले में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और यह युद्ध जैसे-जैसे गहराता जा रहा है उसकी आग चारों तरफ फैलती जा रही है. अब ईरान ने होर्मुज से गुजरने वालें व्यापारिक जहाजों पर भी हमला करना शुरू कर दिया है.
पहली बार ओमान के पास किया हमला
ईरानी हमले का शिकार हुआ टैंकर स्काईलाइट पलाऊ के झंडे के साथ सफर कर रहा था. इसको ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास निशाना बनाया गया. युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है कि ओमान के इतने पास किसी जहाज पर हमला किया गया है. इस हमले के बाद अब साफ हो गया है कि जंग का मैदान अब काफी विस्तार रूप ले रहा है और अगर कोई अन्य देश इस जंग में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होता है तो यह पहले के मुकाबले काफी भयंकर हो जाएगी.
15 भारतीय क्रू मेंबर थे सवार
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र (MSC) ने अपने ऑफशियल एक्स हैंडल से एक पोस्ट की. इस पोस्ट में MSC ने बताया कि रिपब्लिक ऑफ़ (पलाऊ) का झंडा फहरा रहे तेल टैंकर (SKYLIGHT) को मुसंदम गवर्नरेट में खासाब पोर्ट से 5 नॉटिकल मील उत्तर में निशाना बनाया गया था. साथ ही टैंकर में सवाल 20 क्रू मेंबर्स में से 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक थे. वहीं, शुरुआती जानकारी से यह भी पता चला है कि जहाज के क्रू के 4 सदस्यों को अलग-अलग चोटें आई हैं, जिन्हें ज़रूरी मेडिकल इलाज के लिए भेज दिया गया है. MSC ने आगे कहा कि सेंटर ने कन्फर्म किया है कि बचाव ऑपरेशन अलग-अलग मिलिट्री, सिक्योरिटी और सिविलियन एजेंसियों के बीच तालमेल किया गया, जो समुद्री घटनाओं से निपटने के लिए देश की तैयारी को दिखाता है.
ओमान से ड्रोन से भयंकर हमला
यह पहला मौका है जब ओमान के आसपास ईरान ने कोई हमला किया है. ओमान ही एक देश था जो ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करवा रहा था. बताया जा रहा है कि ये ड्रोन तेल के टैंकरों के पास आकर गिरे थे. हालांकि, एक विदेशी वर्कर के घायल होने के बाद और नुकसान नहीं हुआ.
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News Source: PTI
