Iran-Israel War : ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले पर चीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सुप्रीम लीडर पर हमला और उनकी हत्या ईरान की सॉवरेनिटी का गंभीर उल्लंघन है.
Iran-Israel War : ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या की चीन ने कड़ी निंदा की है. चीन ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान पर हमला मंजूर नहीं है वह एक संप्रभु राष्ट्र है जिस पर सभी अंतरराष्ट्रीय कानून लागू होते हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर पर हमला है और उनकी हत्या ईरान की सॉवरेनिटी और सिक्योरिटी का भी गंभीर उल्लंघन है. साथ ही यह चार्टर के उद्देश्य और सिद्धांतों के बुनियादी नियमों पर सीधा हमला है. चीन ने इस हमले की कड़ी निंदा और खुला विरोध किया है.
जल्द रोका जाए मिलिट्री ऑपरेशन
चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि हम मिलिट्री ऑपरेशन को तुरंत रोकने, तनावपूर्ण स्थिति को और न बढ़ाने और मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील करते हैं.
नॉर्थ कोरिया ने बताया US को वर्चस्ववादी
इस हमले की नॉर्थ कोरिया ने भी कड़ी निंदा की है. उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान पर इजराइल का हमला और अमेरिका मिलिट्री ऑपरेशन एक राष्ट्र की संप्रुभता का उल्लंघन है. विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन अपेक्षाओं के अनुरूप था. उन्होंने इसको अमेरिका की वर्चस्ववादी नीति बताया, जिसने भारी हमला किया है.
US-इजराइल ने चलाया संयुक्त अभियान
अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर भीषण हवाई हमला किया. इस मिसाइल हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई. इसके अलावा ईरानी रेड क्रिसेंड सोसाइटी ने बताया कि ईरान में अभी तक विभिन्न जगहों पर 201 लोगों की मौत हो गई है और 747 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
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IRGC ने खाई बदला लेने की कसम
अमेरिका और इजराइल ने आधी रात के बाद ही ईरान पर हमला किया और खामेनेई की बैठक के बारे में पता करके मिसाइल से हमला कर दिया. अब ईरान की IRGC ने कसम खाई है कि जब तक वह अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला नहीं लेगा तब तक शांत नहीं बैठेगा. साथ ही वादा भी किया है कि यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका और इजराइल के खिलाफ इतिहास की सबसे भीषण हमला होगा. वहीं, IRGC ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम पेज पर जारी अपने एक बयान कहा है कि उम्माह के इमाम के हत्यारों को कड़ी, निर्णायक और दर्दनाक सजा देने के लिए ईरानी राष्ट्र का प्रतिशोध उन्हें नहीं छोड़ेगा. ईरान सेना ने अपने जवाबी हमले को खत्म-ए-तूफान नाम दिया है.
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