Home Lifestyle फुटबॉल ही नहीं, Olives के मामले में भी ये देश है नंबर वन! जानें आखिर कहां से आता है ‘हरा सोना’

फुटबॉल ही नहीं, Olives के मामले में भी ये देश है नंबर वन! जानें आखिर कहां से आता है ‘हरा सोना’

by Preeti Pal
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फुटबॉल ही नहीं, Olives के मामले में भी ये देश है नंबर वन! जानें आखिर कहां से आता है 'हरा सोना'

Largest Producer of Olives: जिन लोगों को अपनी फिटनेस से बहुत प्यार है, उनके लिए ऑलिव किसी वरदान से कम नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि, ये ‘हरा सोना’ सबसे ज्यादा कहां उगता है?

05 March, 2026

आजकल की बिज़ी लाइफस्टाइल में फिटनेस फ्रीक्स के बीच एक नाम सबसे ज्यादा पॉपुलर है और वो है, ‘ऑलिव ऑयल’. चाहे सलाद की ड्रेसिंग हो या हेल्दी कुकिंग, ऑलिव यानी जैतून ने हमारी किचन में अपनी खास जगह बना ली है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी प्लेट तक पहुंचने वाला ये शानदार फल और इसका तेल दुनिया के किस कोने से आता है? अगर आप सोच रहे हैं कि इसका सबसे बड़ा प्रोड्यूसर कौन है, तो इसका जवाब है, स्पेन. फुटबॉल और शानदार आर्किटेक्चर के लिए फेमस स्पेन दरअसल ‘जैतून की दुनिया’ का बेताज बादशाह है.

स्पेन है नंबर वन

जैतून सिर्फ एक फ्रूट नहीं है, बल्कि कई देशों की इकोनॉमी की रीढ़ है. स्पेन दुनिया में जैतून का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर देश है. यहां की मिट्टी, तकनीक और मौसम का ऐसा तालमेल है कि दुनिया के टोटल जैतून का एक बहुत बड़ा हिस्सा अकेले इसी देश से आता है. हालांकि, स्पेन के लिए जैतून की खेती सिर्फ किसानी नहीं, बल्कि उनके इतिहास और मजबूत इकोनॉमी का एक पिलर भी है.

जैतून की चादर

अगर आप स्पेन के साउथ हिस्से, खासकर ‘अंडलुसिया’ जाएंगे, तो आपको मीलों तक सिर्फ जैतून के बागान ही नजर आएंगे. यहां के गांव जैतून के पेड़ों से ढके रहते हैं. अंडलुसिया का क्लाइमेट जैतून के लिए वरदान जैसा है. यहां की लंबी गर्मियां और हल्की सर्दियां इन पेड़ों को लहलहाने के लिए एकदम परफेक्ट माहौल देती हैं. यहां पैदा होने वाले जैतून का इस्तेमाल सीधे खाने और बेहतरीन क्वालिटी का तेल निकालने, दोनों के लिए किया जाता है.

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क्यों है सबसे आगे?

स्पेन की इस बादशाहत के पीछे कई बड़े कारण हैं. सबसे पहले तो यहां का बड़ा अग्रीकल्चर फील्ड, जहां सदियों से जैतून उगाया जा रहा है. दूसरा बड़ा कारण है यहां की मॉर्डन खेती की तकनीक. स्पेन ने अपनी ट्रेडिशनल खेती को नई मशीनों और सिंचाई सिस्टम के साथ जोड़ दिया है, जिससे यहां की पैदावार बाकी दुनिया के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर रहती है. साथ ही, यहां के प्रोसेसिंग प्लांट दुनिया के सबसे एडवांस प्लांट्स में गिने जाते हैं, जो जैतून को तोड़ते ही उसे तेल या खाने वाले प्रोडक्ट्स में बदल देते हैं.

कैसा मौसम है जरूरी?

जैतून के पेड़ को नखरे दिखाना पसंद नहीं, लेकिन उसे एक खास तरह का माहौल चाहिए. इसे भरपूर धूप, कम नमी और एक्स्ट्रा पानी को बाहर निकालने वाली मिट्टी की जरूरत होती है. स्पेन की पथरीली और दोमट मिट्टी इन पेड़ों की जड़ों को मजबूती देती है. यही वजह है कि स्पेन और इसके आस-पास के देशों के बाहर जैतून की ऐसी बम्पर खेती करना लगभग नामुमकिन है.

वर्ल्ड लीडर

स्पेन सिर्फ जैतून उगाता ही नहीं, बल्कि उसे पूरी दुनिया को खिलाता भी है. यही वजह है कि ये जैतून और जैतून के तेल का दुनिया का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर देश है. भारत से लेकर अमेरिका तक, सुपरमार्केट की शेल्फ पर रखे ऑलिव ऑयल की बोतलों पर अक्सर आपको ‘Product of Spain’ लिखा मिल जाएगा. स्पेन का बिजनेस नेटवर्क इतना मजबूत है कि वो हर साल लाखों टन जैतून और उसका तेल इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई करता है. भले ही स्पेन इस मामले में पहले नंबर पर हो, लेकिन कुछ और देश भी हैं जो ऑलिव की इस रेस में शामिल हैं. इटली, ग्रीस, तर्की और ट्यूनीशिया में भी खूब जैतून होता है. इन देशों की संस्कृति और खानपान में भी जैतून का बहुत अहमियत है.

दिलचस्प फैक्ट्स

  • स्पेन में जैतून की खेती का इतिहास हजारों साल पुराना है. यहां कई पेड़ ऐसे भी हैं जो सैकड़ों साल से फल दे रहे हैं.
  • स्पेन की खासियत ये है कि वो जितना ध्यान जैतून के तेल पर देता है, उतना ही ध्यान खाने वाले जैतून पर भी देता है.
  • स्पेन में आज भी कई जगहों पर हाथों से जैतून तोड़ने की परंपरा है, ताकि फल खराब न हो, लेकिन बड़े लेवल पर हाई-टेक मशीनों का ही इस्तेमाल किया जाता है.
  • ये एक ऐसी फसल है जो पूरी तरह मौसम पर डिपेंड रहती है. स्पेन की किस्मत अच्छी है कि उसे नेचर ने जैतून के लिए सबसे बेहतरीन क्लाइमेट दिया है. तो अगली बार जब आप अपने पिज्जा पर जैतून की टॉपिंग देखें या अपनी सेहत के लिए ऑलिव ऑयल का खरीदें, तो याद रखिएगा कि इसके पीछे स्पेन के किसानों की मेहनत और वहां का क्लाइमेट है.

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