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Middle East में जारी मौत का खेल, नेतन्याहू के ‘सरप्राइज’ ने उड़ाई लेबनान की नींद और ईरान में मचा हड़कंप

by Preeti Pal
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Middle East में जारी है मौत का खेल, नेतन्याहू के 'सरप्राइज' गिफ्ट ने उड़ाई लेबनान की नींद और ईरान में मचा हड़कंप

Middle East War Updates: इस वक्त हर कोई मिडिल ईस्ट में हो रही तबाही को लेकर परेशान है. इस बीज नेतन्याहू ने एक ऐसा सरप्राइज़ दिया, जिसके बाद लेबनान के लोगों की नींद उड़ गई.

08 March, 2026

मिडिल ईस्ट का माहौल इस वक्त किसी हाई-वोल्टेज थ्रिलर फिल्म जैसा है. रविवार की सुबह भारत के लोग चैन की नींद सो रहे थे, तब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान पर हमला बोलकर अपने एक वादे को पूरा करना शुरू कर दिया. इस वादे में उन्होंने ‘कई सरप्राइज’ देने की बात कही थी. दरअसल, इजरायल ने दक्षिण लेबनान को निशाना बनाते हुए क्लियर कर दिया है कि वो अपनी जमीन के पास ईरानी सपोर्टर्स को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा.

लेबनान में तबाही

इजरायली सेना ने रविवार सुबह लेबनान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडरों को निशाना बनाया. इस हमले ने न सिर्फ लेबनान की शांति भंग की है, बल्कि पूरे इलाके में वॉर की आग को और भड़का दिया है. बेरूत के एक होटल पर हुए ड्रोन हमले में 4 लोग मारे गए और 10 घायल हो गए. वहीं, साउथ लेबनान में 8 लोगों की जान चली गई. इजरायल का कहना है कि वो लेबनान की धरती पर ईरानी आतंकवादियों को पैर नहीं जमाने देगा. इससे पहले शनिवार को इजरायल ने तेहरान के एक तेल डिपो पर भी हमला किया था, जिसकी लपटें रात के अंधेरे में आसमान छू रही थीं.

ईरानी राष्ट्रपति की माफी

हैरानी की बात ये है कि एक तरफ ईरान की मिसाइलें खाड़ी देशों की तरफ उड़ रही थीं, वहीं दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान पड़ोसी देशों से हमलों के लिए माफी मांग रहे थे. वैसे, ईरान की लीडरशिप में इस वक्त भारी मतभेद नजर आ रहे हैं. एक गुट कूटनीति के जरिए वॉर को टालना चाहता है. दूसरा गुट अमेरिका और इजरायल से दो-दो हाथ करने पर आमादा है. वहीं, राष्ट्रपति ने साफ कहा कि अब से पड़ोसी देशों पर तब तक मिसाइल नहीं दागी जाएगी जब तक वो हमला न करें. लेकिन ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स शायद किसी की सुनने के मूड में नहीं है, क्योंकि उनका सीधा कंट्रोल राष्ट्रपति के पास नहीं है.

ट्रंप की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस पूरे मामले में अपने सख्त तेवर दिखा रहे हैं. उन्होंने क्लियर वॉर्निंग दी है कि ईरान को बहुत बड़ा झटका दिया जाएगा. जब ट्रंप से समझौते की बात पूछी गई, तो उन्होंने बड़े बेबाक अंदाज में कहा कि, वो समझौता करना चाहते हैं, लेकिन हम नहीं. ट्रंप ने तेहरान को बिना शर्त के सरेंडर करने को कहा. ट्रेंप के इस बयान पर ईरानी राष्ट्रपति ने पलटवार करते हुए कहा कि यह सपना वो अपनी कब्र में ले जाएंगे.

यहां भी मंडराया खतरा

वॉर की ये आग सिर्फ लेबनान और ईरान तक सीमित नहीं रही. कुवैत में दो बॉर्डर गार्ड्स मिसाइल हमले में मारे गए. वहीं, यूएई में भी एक ड्राइवर की जान चली गई. सऊदी अरब ने अपने तेल इलाकों की तरफ आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया. बहरीन में भी सायरन गूंज रहे हैं. इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास भी एक मिसाइल गिरी, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

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क्या होगा आगे?

वॉर के इस खेल में अब तक ईरान में 1230, लेबनान में 290 और इजरायल में 11 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. वही, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वो इस युद्ध में कुर्द लड़ाकों को शामिल नहीं करेंगे क्योंकि मामला पहले से ही काफी उलझा हुआ है. नेतन्याहू के ‘सरप्राइज’ और ट्रंप की कड़ी कार्रवाई की धमकी के बीच अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या कूटनीति की कोई जगह बची है या ये वॉर किसी महाविनाश की ओर बढ़ रहा है.

कच्चे तेल की कीमत

अब ये भी जान लें कि इसका बाकी चीज़ों पर क्या असर पड़ रहा है. दरअसल, मिडिल ईस्ट दुनिया का सबसे बड़ा तेल सप्लाई करने वाला इलाका है. इजरायल-ईरान वॉर की खबरों के बीच, तेल की सप्लाई में रुकावट आ रही है. ईरान के तेल डिपो पर हमलों और सऊदी अरब की तेल फील्ड्स की तरफ बढ़ते ड्रोन्स ने दुनिया को डरा दिया है. अगर Strait of Hormuz जैसा मेन रास्ता बंद होता है, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं.

पेट्रोल-डीजल के दाम

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल महंगा होने का सीधा मतलब है कि भारत जैसे देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं. इससे महंगाई बढ़ने का खतरा होगा. इसके अलावा शेयर बाजार में भी हाहाकार मचा हुआ है. वॉर की वजह से इन्वेस्टर्स डरे हुए हैं. ग्लोबल मार्केट जैसे अमेरिका का डैक्स और भारत का निफ्टी/सेंसेक्स में इस वजह से बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है. ऐसे में इन्वेस्टर्स जोखिम भरे शेयर्स से पैसा निकालकर सेफ इन्वेस्टमेंट की तरफ भाग रहे हैं. हालांकि, इस माहौल में सिर्फ हथियारों और डिफेंस बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है. हालांकि, इस सेक्टर में भी इन्वेस्टर्स सेफ फील नहीं कर रहे हैं.

News Source: PTI

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