Lok Sabha: पश्चिम एशिया की स्थिति पर बहस की मांग को लेकर शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
Lok Sabha: पश्चिम एशिया की स्थिति पर बहस की मांग को लेकर शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. सरकार ने विपक्षी दलों पर सदन की बुनियादी नैतिकता का पालन नहीं करने का आरोप लगाया. जैसे ही विदेश मंत्री एस जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देने के लिए उठे, विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए और पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर पूर्ण चर्चा की मांग करने लगे. कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्ष अपने माध्यम से सवाल उठा रहा है. सरकार की ओर से विस्तार से तख्तियों पर जवाब दिया जा रहा था.उन्होंने कहा कि ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव पहले से ही एजेंडे में है, विपक्ष पश्चिम एशिया पर चर्चा के लिए कार्यवाही स्थगित करने के नोटिस पर जोर दे रहा है.
विपक्ष नहीं कर रहा नैतिकता का पालन
उन्होंने आश्चर्य जताया कि विपक्ष एक ही दिन दो मुद्दों पर चर्चा कैसे करना चाहता है. पाल ने कहा कि यदि आप बयान से संतुष्ट नहीं हैं तो कृपया इस विषय पर चर्चा के लिए कार्य सलाहकार समिति से संपर्क करें. जयशंकर के अपना बयान पूरा करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर सदन की नैतिकता का पालन नहीं करने का आरोप लगाया. रिजिजू ने कहा कि बिड़ला को पद से हटाने का उनका नोटिस पहले ही स्वीकार कर लिया गया है और सरकार इस पर चर्चा करने को तैयार है, लेकिन विपक्ष कार्यवाही में बाधा डाल रहा है. सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने का आग्रह करते हुए पाल ने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तब लाया जाएगा जब सदन चल रहा होगा. चूंकि विपक्ष ने नरम रुख अपनाने से इनकार कर दिया, इसलिए उन्होंने कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इससे पहले एक वर्तमान और चार पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया था, जिनका हाल ही में निधन हो गया था.
विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया संकट पर जताई चिंता
उधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर लोकसभा में बयान देते हुए इस क्षेत्र के घटनाक्रम को हम सभी के लिए चिंता का गहरा कारण बताया. उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि सभी मुद्दों को हल करने के लिए बातचीत और चर्चा का उपयोग किया जाना चाहिए. इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया स्थिर और शांतिपूर्ण रहना चाहिए. जयशंकर ने सदन को सूचित किया कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्र में विकास की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संघर्ष तेज हो गया है और गंभीर आपूर्ति व्यवधानों की चेतावनी दी. मंत्री ने कहा कि भारत ने ईरान में अपने नागरिकों के लिए सलाह जारी की थी. उन्होंने कहा कि ईरान में भारतीय दूतावास पूरी तरह से चालू है और भारतीय नागरिकों की सहायता करना जारी है. जयशंकर ने सदन को यह भी बताया कि अब तक 67,000 भारतीय नागरिक इस क्षेत्र से वापस आ चुके हैं.
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News Source: PTI
