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सरकार का स्पष्टीकरण: नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, चुनावों के बाद भारी वृद्धि का दावा खारिज

by Sanjay Kumar Srivastava
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सरकार का स्पष्टीकरण: नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, विधानसभा चुनावों के बाद भारी वृद्धि का दावा किया खारिज

Petrol-Diesel Price: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये की भारी वृद्धि का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है.

Petrol-Diesel Price: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये की भारी वृद्धि का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है. मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रही उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें विधानसभा चुनावों के बाद कीमतों में उछाल की संभावना जताई गई थी. मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत पिछले साल के 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर औसतन 113 डॉलर तक पहुंच गई है. इस कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 20 रुपये और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है. इसके बावजूद, आम जनता को राहत देने के लिए अप्रैल 2022 से ईंधन की कीमतें स्थिर रखी गई हैं.

कोटक ने वृद्धि का लगाया था अनुमान

सरकार ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता तेल दरों को स्थिर बनाए रखने की है ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े. मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने पिछले महीने पेट्रोल और डीजल पर कर में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेल की ऊंची कीमत का बोझ उपभोक्ताओं पर न पड़े. उन्होंने कहा कि डेटा खुद बोल रहा है और सरकार का प्रयास भी दिखाई दे रहा है. यह स्पष्टीकरण कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि का संकेत दिया गया था. कोटक ने कच्चे तेल के 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब रहने के आधार पर कीमत में 25-28 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का अनुमान लगाया था.

ईंधन दरों पर स्थिरता बरकरार

मंत्रालय ने कहा कि ऐसी रिपोर्टें नागरिकों के बीच भय और घबराहट पैदा करने के लिए बनाई गई हैं. वास्तव में, भारत एकमात्र देश है जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी है. भारत सरकार और तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कीमतें में भारी बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं. अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमला करने और तेहरान के व्यापक जवाबी कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिसने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा रास्तों में से एक होर्मुज के जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है. तनाव ने दुनिया के सबसे प्रसिद्ध कच्चे तेल के बेंचमार्क ब्रेंट को 103-106 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर धकेल दिया है. कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की दरें अपरिवर्तित बनी हुई हैं. राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर है.

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News Source: PTI

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