Delhi Budget: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को लगभग 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. सीएम ने इसे “हरित बजट” बताया.
Delhi Budget: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को लगभग 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी “ट्रिपल इंजन” सरकार के साथ तेजी से प्रगति कर रही है. सीएम ने इसे “हरित बजट” बताया. उन्होंने कहा कि शहर संक्रमण के दौर से गुजर रहा है और “मुफ्त की संस्कृति” ने विकास दर को प्रभावित किया है. राजस्व में भारी गिरावट देखी गई है. बजट में 74,000 करोड़ रुपये के कर राजस्व का अनुमान है, जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) के लिए 11,666 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश में तीसरी सबसे अधिक है. बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए 5,921 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि शहरी विकास और आश्रय परियोजनाओं के लिए 7,887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

ग्राम विकास बोर्ड को मिले 787 करोड़
गुप्ता ने कहा कि हमारा लक्ष्य सुरक्षित सड़कें, प्रदूषणमुक्त जलवायु और सरल कनेक्टिविटी है. सरकार ने बिजली विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. गुप्ता ने कहा कि सरकार ओवरहेड वायरिंग को हटाने पर काम कर रही है और इस उद्देश्य के लिए अलग से 200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. मुख्यमंत्री ने शहर के ट्रांस-यमुना क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये की घोषणा की, जबकि दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को 787 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. गुप्ता ने धूल मुक्त सड़कों के विकास के लिए 1,352 करोड़ रुपये की घोषणा की, जिसमें शहर भर में 750 किमी सड़कों की एंड-टू-एंड रीकार्पेटिंग शामिल है. उन्होंने कहा कि बजट में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 160 करोड़ रुपये भी रखे गए हैं, जो गैर-अनुरूप क्षेत्रों के लिए इस तरह का पहला आवंटन है. नजफगढ़ ड्रेन के लिए 454 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं, जबकि बजट में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के लिए 350 करोड़ रुपये का भी प्रावधान है.
मोदी मिल फ्लाईओवर का होगा विस्तार
सड़क के बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए गुप्ता ने कहा कि धूल मुक्त सड़कों के विकास के लिए 1,352 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें शहर भर में 750 किलोमीटर सड़कों की एंड-टू-एंड रीकार्पेटिंग भी शामिल है. उन्होंने कहा कि बजट में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 160 करोड़ रुपये भी रखे गए हैं, जो गैर-अनुरूप क्षेत्रों के लिए इस तरह का पहला आवंटन है. इसके अलावा मोदी मिल फ्लाईओवर को कालकाजी और सावित्री सिनेमा चौराहे तक विस्तारित करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 151 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसकी कुल परियोजना लागत 371 करोड़ रुपये अनुमानित है. सरकार कर्मचारियों के लिए एक एकीकृत सचिवालय और आवासीय परिसर भी बनाएगी.
पानी के लिए नहीं लगानी होगी लाइन
सीएम गुप्ता ने पालम आग की घटना का हवाला देते हुए कहा कि संकीर्ण गलियों और भीड़भाड़ वाली अनधिकृत कॉलोनियों में आग बुझाना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने कहा कि 674 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ दिल्ली के अग्निशमन बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा. पानी की समस्या से निपटने के लिए गुप्ता ने कहा कि नई जल पाइपलाइन परियोजनाएं चल रही हैं. पानी और सीवेज प्रबंधन के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी निवासी को पानी के लिए परेशानी नहीं होगी. लोगों को पानी के टैंकर के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा क्योंकि चंद्रावल जल उपचार प्लांट के लिए 475 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
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News Source: PTI
