LPG-Oil shortage India: पिछले कई दिनों से देश में अफवाहों का बाज़ार गर्म है. सोशल मीडिया पर खबर है कि पेट्रोल और LPG की किल्लर चल रही है. ऐसे में आपके लिए सच्चाई लेकर आए हैं.
26 March, 2026
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अफवाहों के बाजार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस यानी LPG की किल्लत को लेकर खबरें चल रही थीं. अब सरकार ने उन पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है और तेल का स्टॉक भी पूरी तरह से सेफ है. सरकार ने इन अफवाहों को ‘जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान’ बताया है, जिसका मकसद जनता के बीच डर पैदा करके पैनिक बाइंग शुरू करवाना था.
कितना है स्टॉक?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वॉर की खबरों के बीच पहली बार सरकार ने स्टॉक के ऑफिशियल आंकड़े जारी किए हैं. सरकार ने बताया कि अभी हमारे पास 60 दिनों का बैकअप है. यानी भारत के पास फिलहाल लगभग 60 दिनों का कच्चा तेल और ईंधन स्टॉक मौजूद है. इसमें कच्चे तेल का भंडार, रिफाइंड उत्पाद और जमीन के नीचे बने रणनीतिक भंडार शामिल हैं. इसके अलावा रसोई गैस आनी LPG की भी कोई कमी नहीं है. सरकार ने बताया कि 8 लाख टन LPG का इंतजाम कर लिया गया है. यानी पूरे एक महीने की सप्लाई सेफ है. साथ ही देश की सभी तेल रिफाइनरियां अपनी क्षमता से 100% ज्यादा काम कर रही हैं, जिससे घरेलू मांग को बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके.
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अफवाहों पर न दें ध्यान
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंप पहले की तरह ही काम कर रहे हैं. कहीं भी राशनिंग के आदेश नहीं दिए गए हैं. कुछ छोटे शहरों में वर्किंग कैपिटल की प्रोब्लम को देखते हुए, सरकार ने पेट्रोल पंप मालिकों के लिए क्रेडिट लिमिट को एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन कर दिया है, ताकि सप्लाई में कोई बाधा न आए. मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वो सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो और दावों से गुमराह न हों. दुनिया के कई देश ‘नेशनल एनर्जी इमरजेंसी’ का सामना कर रहे हैं और वहां तेल की राशनिंग हो रही है, लेकिन भारत में ऐसी कोई भी नौबत नहीं है.
सेफ है सप्लाई
ईरान वॉर और होर्मुज के बंद होने की खबरों के बावजूद, भारत ने दुनिया भर के 41 से ज्यादा सप्लायर्स से कच्चा तेल मंगाना सुनिश्चित किया है. रूस, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आने वाले शिपमेंट ने होने वाली कमी को पूरा कर दिया है. LPG के मामले में भी, सरकार के आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40% की बढ़ोतरी की गई है. अब भारत अपनी जरूरत का 60% से ज्यादा हिस्सा खुद बना रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हुई है.
पैनिक बाइंग का असर
तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने बताया कि अफवाहों की वजह से अचानक सिलेंडरों की मांग 50 लाख से बढ़कर 89 लाख तक पहुंच गई थी, जो अब धीरे-धीरे वापस नॉर्मल हो रही है. सरकार ने वॉर्निंग दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. तो अगली बार जब आप पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन देखें, तो याद रखें कि देश के पास अगले दो महीनों का इंतजाम है. ऐसे में सेफ रहें और सिर्फ ऑफिशियल खबरों पर ही भरोसा करें.
News Source: PTI
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