IPL 2026 : टूर्नामेंट शुरू होने से पहले आरसीबी के ऊपर मुसीबतों को पहाड़ टूट पड़ा है. मामला यह है कि ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज भारत पहुंच गए हैं और वह टीम से भी जुड़ गए हैं. लेकिन उनके अभी शुरुआती मैच खेलना थोड़ा मुश्किल है.
IPL 2026 : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) की शुरुआत से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खेमे से एक बड़ी खबर सामने आई है. टीम की सबसे मजबूत कड़ी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड भारत तो पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी भी आरसीबी की चिंता खत्म नहीं हुई है. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 28 मार्च को खेले जाने वाले मुकाबले में हेजलवुड की फिटनेस को लेकर संशय बना हुआ है. अगर वह पूरी तरह फिट नहीं हो पाते हैं तो उनके शुरुआती मुकाबले में खेलना थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है. ऐसे में आरसीबी को खुशी के साथ भारी झटका भी लग सकता है.
क्या हुई हेजलवुड को समस्या?
मामला यह है कि जोश हेजलवुड अपनी पुरानी चोट (हैमस्ट्रिंग और अकिलीज) अभी पूरी रह से उभर नहीं पाए हैं और उनकी अभी भी दिक्कत बनी हुई है. इसके अलावा उनके लिए अभी सबसे बड़ी चुनौती है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपनी आगामी टेस्ट सीरीज को ध्यान में रखते हुए अपने स्टार गेंदबाज से कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. साथ ही CA ने पहले भी कहा था कि तेज गेंदबाज शुरुआती मैचों में आरसीबी के साथ नहीं जुड़ पाएंगे. जब तक ऑस्ट्रेलिया उनको ग्रीन सिग्नल नहीं देती है तब तक वह स्टैंड में ही बैठे रहेंगे. हालांकि, हेजलवुड अपनी टीम के साथ जुड़ चुके हैं और उनके साथ ट्रेनिंग भी लेना शुरू कर दिया है. इसी बीच शंका जताई जा रही है कि हेजलवुड पहला मुकाबला खेलेंगे या नहीं.
टीम की नहीं हो रही मुश्किलें कम
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले आरसीबी की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक तरफ जहां पर हेजलवुड का शुरुआती मुकाबले में खेलना आसान होता नहीं दिख रहा है. वहीं, दूसरी तरफ भारतीय सीमर यश दयाल कानूनी मामलों में फंसे हुए हैं. ऐसे में आरसीबी का गेंदबाजी अटैक थोड़ा मुश्किल घड़ी में पहुंचता जा रहा है. अब टीम की सारी जिम्मेदारी न्यूजीलैंड के जैकब डफी जैसे बैकअप विकल्पों पर आ गई है. एम चिन्नास्वामी स्टेडिमय में एसआरएच के खिलाफ होने वाले मैच में टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका दे सकता है.
बल्लेबाजों पर होगा बहुत दबाव
गेंदबाजों का इस तरह टीम से बाहर बैठना बल्लेबाजों पर काफी दबाव बना सकता है. बल्लेबाजों पर अब दबाव होगा कि वह मैदान पर हाई स्कोर खड़ा करें और विरोधी टीम के सामने एक चुनौती बनकर खड़े हो जाएं. इस बार विराट कोहली के नेतृत्व में बल्लेबाजों को कम से कम 15 से 20 रन अतिरिक्त बनाने होंगे. साथ ही चिन्नास्वामी स्टेडियम एक हाई स्कोरिंग पिच हैं और यहां पर बल्लेबाजों को रन बनाने में ज्यादा चुनौती का सामना नहीं करना पड़ता है. बता दें कि अगर आरसीबी ज्यादा स्कोर बनाएगी तो कमजोर गेंदबाजी होने के बाद भी मैच जीतने में सक्षम साबित होगी.
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