Bengal Election: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय के अंदर कैरम खेलते तीन जवान पकड़े गए. आयोग ने तीनों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
Bengal Election: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय के अंदर कैरम खेलते तीन जवान पकड़े गए. कैरम खेलते केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ( CAPF) के तीन जवानों का वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने तीनों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सूरी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय के अंदर कैरम खेलते तीन जवानों के वायरल वीडियो मामले ने तूल पकड़ लिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि इन तीन जवानों को चुनाव ड्यूटी से हटा दिया गया है. आयोग ने घटना की जांच शुरू कर दी है. तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में एक जवान तीन स्थानीय युवकों के साथ कैरम खेल रहा था, दूसरा खड़ा था और तीसरा सूरी में टीएमसी कार्यालय के अंदर एक कुर्सी पर बैठा हुआ था.
इसके पहले भी आयोग ले चुका है एक्शन
पीटीआई, हालांकि, स्वतंत्र रूप से वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका. आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए चार दिनों में राज्य में चुनाव से पहले बंगाल में तैनात केंद्रीय बलों के खिलाफ चुनाव आयोग द्वारा की गई यह दूसरी ऐसी अनुशासनात्मक कार्रवाई थी. इसके पहले 25 मार्च को दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर इफ्तार पार्टी में शामिल होने के आरोप में चुनाव आयोग ने सात को स्थानांतरित कर दिया था. इनमें मुर्शिदाबाद जिले में चुनाव ड्यूटी पर तैनात अर्धसैनिक बल के जवान भी थे. बताया जाता है कि दो पुलिसकर्मियों के साथ जवानों ने कथित तौर पर 8 मार्च को मुर्शिदाबाद के समसेरगंज क्षेत्र में निमटीटा ग्राम पंचायत के प्रधान, अलियारा बीबी के पति और स्थानीय टीएमसी नेता समीम शेख द्वारा आयोजित इफ्तार में भाग लिया था.
बलों की गतिविधियों पर नजर रखेगा आयोग
कैरम मामले को क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार जगन्नाथ चटर्जी ने बेहद निंदनीय और निराशाजनक बताया. चटर्जी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्रीय बलों को कैसे और कहां तैनात किया जा रहा है. यदि इस कैरम खेल में स्थानीय प्रशासन या पुलिस की भूमिका थी, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. कांग्रेस बीरभूम जिला अध्यक्ष संजय अधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कैरम खेलना कोई अपराध नहीं है, लेकिन एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय के अंदर ऐसा करना अनुचित है. उधर चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान ड्यूटी के दौरान निजी सभाओं पर रोक लगाने के साथ-साथ बलों की आवाजाही और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और बॉडी कैमरे सहित सख्त निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा.
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News Source: PTI
