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इजराइलियों की हत्या के दोषी फिलिस्तीनियों को मिलेगी मौत की सजा, संसद ने पारित किया कानून

by Sanjay Kumar Srivastava
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इजराइलियों की हत्या के दोषी फिलिस्तीनियों को मिलेगी मौत की सजा, संसद ने पारित किया कानून, नेतन्याहू ने किया समर्थन

Death Penalty: इजराइल की संसद ने इजराइलियों की हत्या के दोषी फिलिस्तीनियों के लिए मौत की सजा को मंजूरी दे दी है. संसद ने सोमवार को फिलिस्तीनियों के लिए मौत की सजा को मंजूरी देने वाला एक कानून पारित कर दिया.

Death Penalty: इजराइल की संसद ने इजराइलियों की हत्या के दोषी फिलिस्तीनियों के लिए मौत की सजा को मंजूरी दे दी है. संसद ने सोमवार को फ़िलिस्तीनियों के लिए मौत की सजा को मंजूरी देने वाला एक कानून पारित कर दिया. इजराइली संसद (नेसेट) ने एक ऐतिहासिक विधेयक पारित किया. प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वयं उपस्थित होकर इस बिल के पक्ष में मतदान किया. कानून के पारित होते ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने सदन में खड़े होकर और तालियां बजाकर इसका स्वागत किया. यद्यपि कानून में इजराइली नागरिकों के लिए भी विकल्प रखा गया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी भाषा इस तरह तैयार की गई है कि यहूदी नागरिकों को सुरक्षा मिले और केवल इजराइल के कब्जे वाले इलाकों में रहने वाले फिलिस्तीनी नागरिकों को ही इसके दायरे में लाया जा सके.

मानवाधिकार संगठनों ने बताया अमानवीय

उल्लेखनीय है कि यह कानून 7 अक्टूबर के हमले में शामिल हमास के कैदियों पर पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं होगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे अमानवीय और भेदभावपूर्ण करार दिया है. आलोचकों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन है और इससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ सकता है. इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने इसे यहूदियों के हित में बना कानून बताया. लिमोर सोन हर-मेलेक, जिनके पहले पति वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी आतंकवादी हमले में मारे गए थे, ने इस कानून का स्वागत किया. संसद में पारित होने के बावजूद बिल को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. विधेयक पारित होने के कुछ मिनट बाद इज़राइल में नागरिक अधिकार संघ ने कहा कि उसने कानून को चुनौती देने के लिए पहले ही इजराइल की सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर कर दी है. उन्होंने कानून को भेदभावपूर्ण कहा.

विपक्षी सांसदों ने किया विरोध

कहा कि संसद ने इसे वेस्ट बैंक फिलिस्तीनियों पर बिना कानूनी अधिकार के लागू किया है, जो इजरायली नागरिक नहीं हैं. इज़राइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक वैल्यूज़ एंड इंस्टीट्यूशंस के एक वरिष्ठ साथी अमीचाई कोहेन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इज़राइल की संसद को वेस्ट बैंक में कानून नहीं बनाना चाहिए, जो कि संप्रभु इज़राइली क्षेत्र नहीं है. नेतन्याहू के धुर दक्षिणपंथी गठबंधन में कई लोग वेस्ट बैंक को इज़राइल में मिलाना चाहते हैं. विपक्षी सांसद कई बार अपने सहयोगियों से विधेयक के खिलाफ वोट करने की अपील करते दिखे. वोट से पहले बेन ग्विर ने इस कानून को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया. उन्होंने सांसदों से कहा कि आज से हर आतंकवादी को पता चल जाएगा, और पूरी दुनिया को पता चल जाएगा कि जो कोई भी किसी की जान लेगा, इज़राइल राज्य उसकी जान लेगा.

ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन का कानून रद्द करने का आग्रह

लेबर पार्टी के गिलाद कारिव ने विधेयक के इस शर्त की निंदा की कि मौत की सजा देने के लिए सर्वसम्मत निर्णय की आवश्यकता नहीं है. एक ऐसा कानून जिसमें किसी व्यक्ति को सर्वसम्मत दोषसिद्धि के बिना मौत की सजा दी जा सकती है. गिलाद कारिव ने पूछा कि क्या आपकी नजर में यही न्याय है? क्या जीवन की पवित्रता यही है जो इज़रायली परंपरा ने हमें सिखाई है? उन्होंने कहा कि यह विधेयक अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है. उधर, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के विदेश मंत्रियों ने इज़राइल से इस कानून को रद्द करने का आग्रह किया है.

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News Source: PTI

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