Home Latest News & Updates केंद्र का बड़ा फैसला: अमरावती ही होगी आंध्र प्रदेश की राजधानी, कानून को मिली मंजूरी, विवाद समाप्त

केंद्र का बड़ा फैसला: अमरावती ही होगी आंध्र प्रदेश की राजधानी, कानून को मिली मंजूरी, विवाद समाप्त

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
केंद्र का बड़ा फैसला: अमरावती ही होगी आंध्र प्रदेश की राजधानी, कानून को मिली मंजूरी

Andhra Pradesh News: अब आंध्र प्रदेश की राजधानी नहीं बदली जा सकेगी. लोकसभा ने बुधवार को ‘तीन राजधानी’ जैसे फैसलों पर रोक लगाने वाले कानून को मंजूरी दे दी.

Andhra Pradesh News: अब आंध्र प्रदेश की राजधानी नहीं बदली जा सकेगी. लोकसभा ने बुधवार को ‘तीन राजधानी’ जैसे फैसलों पर रोक लगाने वाले कानून को मंजूरी दे दी. कानून के बन जाने के बाद अब अमरावती ही आंध्र प्रदेश की स्थाई राजधानी होगी. इसके पहले आंध्र की तीन राजधानियां थीं. आंध्र प्रदेश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित कर दिया. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए इस विधेयक को ध्वनि मत से मंजूरी मिल गई. यह कानून अब आधिकारिक तौर पर अमरावती को राज्य की एकमात्र और ‘स्थायी’ राजधानी के रूप में मान्यता देता है. इसे मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और टीडीपी की एक बड़ी जीत मानी जा रही है.

नायडू का सपना साकार

इस कानून का मुख्य उद्देश्य राजधानी के भविष्य को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है ताकि पिछली वाईएसआर कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए ‘तीन राजधानियों’ (विशाखापत्तनम, अमरावती और कुरनूल) के प्रयोग जैसे किसी भी भविष्य के प्रयास को रोका जा सके. 28 मार्च को राज्य विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद केंद्र ने यह सक्रियता दिखाई है. इस संशोधन से अब आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक और कानूनी विवाद समाप्त होने की उम्मीद है. 2014 और 2019 के बीच विभाजित आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के रूप में टीडीपी सुप्रीमो नायडू ने घोषणा की थी कि अमरावती राज्य की राजधानी होगी और इसके विकास में बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा. इसे सीएम नायडू की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

2019 में रेड्डी ने बदल दिया था फैसला

हालांकि, टीडीपी ने 2019 के विधानसभा चुनावों में सत्ता खो दी. इसके बाद वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला. अपने कार्यकाल के दौरान रेड्डी ने नायडू के फैसले को बदल दिया और घोषणा की कि आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां होंगी – विशाखापत्तनम में प्रशासनिक राजधानी, अमरावती में विधायी राजधानी और कुरनूल में न्यायिक राजधानी. 2024 में नायडू के सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने घोषणा की कि अमरावती राज्य की एकमात्र राजधानी होगी. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, जिसके तहत तेलंगाना बनाया गया और हैदराबाद को नए तेलंगाना राज्य की राजधानी के रूप में मान्यता दी गई, लेकिन इसमें कोई उल्लेख नहीं था कि आंध्र प्रदेश की राजधानी कहां बनेगी. अब एनडीए सरकार द्वारा प्रस्तावित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूप में मान्यता देगा.

आंध्र विधान सभा पहले ही पारित कर चुका था प्रस्ताव

टीडीपी सत्तारूढ़ एनडीए की एक प्रमुख सहयोगी है और लोकसभा में अपने 16 सांसदों के साथ नरेंद्र मोदी सरकार को महत्वपूर्ण समर्थन दे रही है. एक बार विधेयक अधिनियम बन जाता है तो 2 जून, 2024 से अमरावती को कानूनी रूप से आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में मान्यता दी जाएगी. इसमें कहा गया है कि अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से और उसके आसपास बुनियादी ढांचे के विकास के अलावा महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विधायी उपाय किए गए हैं. 28 मार्च को राज्य विधान सभा ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें केंद्र से “अमरावती” का नाम शामिल करने के लिए पुनर्गठन अधिनियम की धारा 5 में संशोधन करने का अनुरोध किया गया था.

ये भी पढ़ेंः चुनाव से पहले असम के चाय बागान में पहुंचे PM Modi, महिला वर्करों के साथ ली Selfie

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?