Home Latest News & Updates ‘ध्यान कर लें अब आंध्र प्रदेश की राजधानी ‘अमरावती’ होगी…’ नायडू ने किया ऐलान; केंद्र से मिला कानूनी दर्जा

‘ध्यान कर लें अब आंध्र प्रदेश की राजधानी ‘अमरावती’ होगी…’ नायडू ने किया ऐलान; केंद्र से मिला कानूनी दर्जा

by Sachin Kumar
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Andhra Pradesh capital Amaravati

Andhra Pradesh : आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती को अब केंद्र कानूनी दर्जा मिल गया है और अब इसे राज्य सरकार बदल नहीं सकती है. इसकी घोषणा खुद सीएम चंद्रबाबू नायूड ने की है.

Andhra Pradesh : अमरावती को अब आंध्र प्रदेश की स्थाई राजधानी घोषित कर दिया गया है और अब कोई दूसरा मुख्यमंत्री इसको आसानी से बदल नहीं सकता है. मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने अपने ऑफिशियल हैंडल की इस बारे में जानकारी दी है. सीएम चंद्रबाबू ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि अब ‘आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है.’ बता दें कि बीते दिनों पहले पार्लियामेंट के दोनों सदनों से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम संशोधन विधेयक 2026 को बहुमत से पारित करवा लिया गया था.

इसके अलावा सोमवार (6 अप्रैल) को राजपत्र अधिसूचना जारी की गई, जिसमें आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत अमरावती को राजधानी के रूप में अधिसूचित किया गया. यह अधिसूचना 2 जून, 2024 से पूर्वव्यापी रूप सा लागू होगी.

केंद्र से मिला कानूनी दर्जा

इससे पहले राज्य सरकार ने 23 अप्रैल, 2016 को अमरावती को राजधानी के रूप में अधिसूचित कर दिया था, लेकिन नए अधिनियम से के साथ इसे केंद्र से कानून मान्यता मिल गई है. आंध्र प्रदेश विधानसभा ने 28 मार्च, 2026 को प्रस्ताव पारित करके केंद्र से अधिनियम की धारा 5 (2) में संशोधन का आग्रह किया था ताकि अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता मिल जाए. राजपत्र के मुताबिक, यह अधिसूचना 2 जून, 2024 से पूर्वव्यापी रूप से प्रभावी होगी, जिसका मतलब है कि इस दिन से अमरावती को राजधानी माना जाएगा.

सीएम नायडू का हुआ सपना साकार

इस कानून का मुख्य उद्देश्य राजधानी के भविष्य को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है ताकि पिछली YSR कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए ‘तीन राजधानियों’ (विशाखापत्तनम, अमरावती और कुरनूल) के प्रयोग जैसे किसी भी भविष्य के प्रयास को रोका जा सके. 28 मार्च को राज्य विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद केंद्र ने यह सक्रियता दिखाई है. इस संशोधन से अब आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक और कानूनी विवाद समाप्त होने की उम्मीद है. 2014 और 2019 के बीच विभाजित आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के रूप में TDP सुप्रीमो नायडू ने घोषणा की थी कि अमरावती राज्य की राजधानी होगी और इसके विकास में बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा.

2019 में रेड्डी ने बदल दिया था फैसला

हालांकि, TDP ने 2019 के विधानसभा चुनावों में सत्ता खो दी. इसके बाद वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला. अपने कार्यकाल के दौरान रेड्डी ने नायडू के फैसले को बदल दिया और घोषणा की कि आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां होंगी, जिसमें मुख्य रूप से विशाखापत्तनम में प्रशासनिक राजधानी, अमरावती में विधायी राजधानी और कुरनूल में न्यायिक राजधानी. 2024 में नायडू के सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने घोषणा की कि अमरावती राज्य की एकमात्र राजधानी होगी. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, जिसके तहत तेलंगाना बनाया गया और हैदराबाद को नए तेलंगाना राज्य की राजधानी के रूप में मान्यता दी गई, लेकिन इसमें कोई उल्लेख नहीं था कि आंध्र प्रदेश की राजधानी कहां बनेगी. अब NDA सरकार द्वारा प्रस्तावित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूप में मान्यता देगा.

यह भी पढ़ें- केंद्र का बड़ा फैसला: अमरावती ही होगी आंध्र प्रदेश की राजधानी, कानून को मिली मंजूरी, विवाद समाप्त

News Source: PTI

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