Women Reservation Bill: केंद्र सरकार गुरुवार को महिला आरक्षण 2029 तक लागू करने और लोकसभा-विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए लोकसभा में तीन बिल पेश करने वाली है.
16 April, 2026
आज का दिन बहुत जरूरी होने वाला है. केंद्र सरकार गुरुवार को महिला आरक्षण 2029 तक लागू करने और लोकसभा-विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए लोकसभा में तीन बिल पेश करने वाली है. यह तीन बिल संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026, परिसीमन बिल, 2026, और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन बिल), 2026 हैं, जो लोकसभा में बहस के लिए पेश किए जाएंगे. आज लोकसभा में सरकार और विपक्ष में जमकर बहस देखने को मिल सकती है. विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को समर्थन दिया है, लेकिन परिसीमन के मुद्दे पर वे सरकार को घेरने की तैयारी में है.
18 घंटे तक चलेगी बहस
पहले दो बिल केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे, जबकि तीसरा बिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पेश करेंगे. लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने बहस के लिए 18 घंटे का समय दिया है और यह शुक्रवार को भी जारी रह सकती है. लोकसभा में पास होने के बाद, ये बिल राज्यसभा में जाएंगे. केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों ने ही अपने सांसदों को लोकसभा में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है. अगर महिला आरक्षण बिल पास हो जाता है, तो यह साल 2029 में लोकसभा चुनाव के साथ प्रभावी हो जाएगा.
ये तीन विधेयक होंगे पेश
संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 – यह नारी शक्ति वंदन एक्ट, 2023 में बदलाव करेगा और महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया को तेज करेगा. इस बिल से यह भी तय होगा कि आरक्षित सीटें बदलेंगी या स्थायी रहेंगी.
परिसीमन बिल, 2026 – 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की नई सीमाएं तय करने के लिए एक नया परिसीमन कमीशन बनाएगा.
केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 – यह दिल्ली, जम्मू और कश्मीर, और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए रिजर्वेशन लागू करेगा.
लोकसभा में बढ़ेंगी सीटें
सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव कर रही है, जिसमें राज्यों के लिए 815 सीटें और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें होंगी. इनमें से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. इससे महिलाओं के लिए लगभग 273 सीटें होने की उम्मीद है. केंद्र सरकार का दावा है कि ये सभी बदलाव महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाएंगे. वहीं कांग्रेस, DMK, TMC समेत अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि वे महिला आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन परिसीमन से दक्षिणी राज्यों में उनका प्रभुत्व कमजोर हो जाएगा और भाजपा को फायदा होगा.
यह भी पढ़ें- तमिलनाडु में जनता के बीच पहुंचे PM मोदी: बुजुर्ग महिला को झुककर किया नमन, जीता लोगों का दिल
News Source: PTI
