PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा.
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. महिला कोटा कानून के कार्यान्वयन से जुड़े निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन में किसी भी राज्य बड़े या छोटे, उत्तर या दक्षिण, पूर्व या पश्चिम के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. मोदी ने कहा कि जो लोग इस सुधार का विरोध करेंगे, उन्हें देश की महिलाएं माफ नहीं करेंगी. महिला कोटा कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन के लिए पेश किए गए तीन विधेयकों पर लोकसभा में बहस करते हुए मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य में लोकसभा सीटों के अनुपात में भेदभाव नहीं होगा.
कहा- आरक्षण महिलाओं का अधिकार
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी को भी इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि वे इस देश की महिलाओं को कुछ दे रहे हैं क्योंकि विधायिकाओं में आरक्षण उनका अधिकार है. उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल महिला कोटा कानून का विरोध करता है तो यह बिल्कुल स्वाभाविक है कि उन्हें (मोदी) राजनीतिक रूप से लाभ होगा. उन्होंने कहा कि यदि आप इसका विरोध करते हैं तो यह स्वाभाविक है कि मुझे राजनीतिक लाभ मिलेगा, लेकिन अगर आप साथ चलेंगे तो किसी को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा. मोदी ने कहा कि सत्तारूढ़ सरकार 2029 में महिला आरक्षण कानून के कार्यान्वयन के लिए श्रेय नहीं चाहती है और उन्होंने विपक्ष को श्रेय देने की पेशकश की. क्योंकि अगर इरादा साफ है, तो शब्दों से खेल खेलने की कोई जरूरत नहीं है.
परिसीमन में नहीं होगा भेदभाव
परिसीमन प्रक्रिया को लेकर कुछ राज्यों, खासकर दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों के डर को दूर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कदम के तहत किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. मोदी ने कहा कि अतीत में महिलाओं को यह अधिकार देने में जिन लोगों ने विरोध किया था, उन्हें इस देश की महिलाओं ने माफ नहीं किया है, उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ा है. उन्होंने कहा कि मैं आज आपसे अपील करने आया हूं कि इसे राजनीतिक तराजू पर मत तौलिए. यह देशहित में फैसला है. देश और दुनिया भर की महिलाएं हमें देख रही हैं, हमारे फैसले देखेंगी. लेकिन फैसले से ज्यादा वे हमारी मंशा को परखेंगी. अगर हमारी मंशा में कोई खोट है तो इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी.
आरक्षित होंगी 272 सीटें
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब संसद 2023 में महिला आरक्षण कानून पर चर्चा कर रही थी, तो लोग कह रहे थे कि जल्दी करो. क्योंकि यह इतने कम समय में नहीं किया जा सकता है. अब 2029 में भी हमारे पास समय है, अगर हम 2029 में भी ऐसा नहीं करते हैं, तो हम कल्पना कर सकते हैं कि समय की मांग है कि हमें अब और देरी नहीं करनी चाहिए. प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा की ताकत बढ़कर 815 हो जाएगी, जिसमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी यानी कुल 33 प्रतिशत.
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News Source: PTI
