Himachal Government: हिमाचल प्रदेश सरकार ने यौन उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को तीन सहायक प्रोफेसरों को बर्खास्त कर दिया.
Himachal Government: हिमाचल प्रदेश सरकार ने यौन उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को तीन सहायक प्रोफेसरों को बर्खास्त कर दिया. बर्खास्त प्रोफेसरों को राज्य में कहीं भी नौकरी करने पर भी रोक लगा दी गई है. सरकार की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. सरकार का मानना है कि इस तरह की घटना से गुरु-शिष्य की परंपरा तो कलंकित होती ही है, साथ में सरकार की भी छवि धूमिल होती है. बर्खास्त प्रोफेसरों में जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय लोहाराब (शिमला) में तैनात रहे कथक नृत्य के सहायक प्रोफेसर पवन कुमार हैं. वह वर्तमान में कांगड़ा के धर्मशाला के राजकीय महाविद्यालय में तैनात हैं.
सहायक प्रोफेसरों पर यौन शोषण का आरोप
इसके अलावा हमीरपुर जिले के नादौन के सिद्धार्थ राजकीय महाविद्यालय में तैनात रसायन विज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार और राजीव गांधी राजकीय डिग्री कॉलेज चौड़ा मैदान शिमला के सहायक प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र शर्मा को भी बर्खास्त कर दिया गया. 23 जनवरी 2024 को फाइन आर्ट्स कॉलेज में सातवें सेमेस्टर में पढ़ने वाली एक छात्रा ने पवन कुमार पर पिछले सात महीने से यौन शोषण करने का आरोप लगाया था. उसने आरोप लगाया कि वह उसे अपने आवास पर भी ले गया. कुमार को 31 अगस्त, 2024 को उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा निलंबित कर दिया गया था.
एक प्रोफेसर भेज रहा था अश्लील संदेश
14 नवंबर 2024 को एक गवर्नमेंट कॉलेज से बीएससी कर रही एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि रसायन विज्ञान की एक व्यावहारिक कक्षा के दौरान डॉ. अनिल कुमार ने उसे बार-बार अनुचित तरीके से छुआ, जबकि डॉ. अनिल उसके पीछे खड़ा था. छात्रा ने उन पर अपने प्राइवेट पार्ट को छूने का भी आरोप लगाया था. इसके बाद छात्रा ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद आरोपी प्रोफेसर को 27 नवंबर 2024 को निदेशालय द्वारा निलंबित कर दिया गया था. एक अन्य सरकारी डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली बीएससी द्वितीय वर्ष की एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया था कि 1 दिसंबर 2021 को डॉ. वीरेंद्र शर्मा उसे अनुचित संदेश भेज रहे थे.
आरोपी ने कुछ न बताने की दी थी धमकी
छात्रा ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर ने उसे कॉलेज के पास मिलने के लिए बुलाया था, जिसके बाद वह उसे चक्कर इलाके में अपने आवास पर ले गया, जहां उसने उसके साथ यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया. छात्रा ने कहा कि जब उसने उसके प्रयासों का विरोध किया, तो प्रोफेसर ने उसे कॉलेज के पास वापस छोड़ दिया और धमकी दी कि किसी को कुछ भी बताना नहीं. शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उन्हें 7 दिसंबर, 2021 को निलंबित कर दिया गया. गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, शिकायतों के आधार पर आरोपी सहायक प्रोफेसरों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उनके कर्तव्यों से बर्खास्त कर दिया गया और उन्हें सरकारी क्षेत्र में आगे के रोजगार से भी वंचित कर दिया गया.
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News Source: PTI
