Strait of Hormuz: कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट की आग ठंडी पड़ी हुई है. इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है. अगर आप भी कंफ्यूजन हैं, तो ये खबर पढ़ लें.
18 April, 2026
दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर इन दिनों जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ है. अच्छी खबर है कि ये रास्ता अब पूरी तरह से खुला है, लेकिन ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इसमें कुछ ट्विस्ट डाल दिया है. ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि अब सब कुछ पहले जैसा नॉर्मल हो गया है, तो जरा रुकिए, क्योंकि ईरान के विदेश मंत्री और वहां की सेना के सुर थोड़े अलग ही सुनाई दे रहे हैं. दरअसल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर अनाउंसमेंट की है कि, सीजफायर के दौरान ये जलमार्ग सभी व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा. लेकिन जैसे ही ये खबर आई, ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ की नेवी ने अपनी नई गाइडलाइंस जारी कर दीं.
होर्मुज के लिए नई शर्तें
गार्ड्स ने इसे एक नया आदेश करार दिया है. उनके मुताबिक, किसी भी जहाज को यहां से गुजरने के लिए अब IRGC की अनुमति लेनी होगी. इतना ही नहीं, नागरिक जहाजों को सिर्फ ईरान के तय किए गए खास रास्तों से ही जाने की इजाजत होगी, जबकि मिलिट्री जहाजों के लिए नो-एंट्री का बोर्ड अभी भी लगा हुआ है. मजेदार बात ये है कि इस मुद्दे पर ईरान के अंदर ही अलग-अलग राय देखने को मिल रही है. विदेश मंत्री अराघची ने जब ‘एक्स’ पर खुले रास्ते की बात कही, तो ईरान की सरकारी मीडिया ने ही उनकी आलोचना कर दी.
यह भी पढ़ेंःबांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा, 17 जून को तय होगा आरोप
डोनाल्ड ट्रंप की एंट्री
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी एंट्री हुई. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए ईरान का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने रास्ता खोल दिया है. हालांकि, ट्रंप अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटे. उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक ईरान के साथ उनकी डील पूरी नहीं हो जाती, तब तक अमेरिका की समुद्री नाकेबंदी जारी रहेगी. ट्रंप ने ये दावा भी किया कि ईरान अब कभी भी इस रास्ते को बंद नहीं करने और इसे दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल न करने पर सहमत हो गया है.
महंगाई पर असर
इस पूरी खींचतान का सबसे बड़ा असर दुनिया भर के देश और वहां के लोगों की जेब पर पड़ा है. जैसे ही होर्मुज का रास्ता खुलने की खबर आई, कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी की भारी गिरावट देखी गई. अब देखना ये है किस्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बिजनेस के लिए कितना आसान होता है या फिर शर्तों के जाल में उलझकर रह जाता है.
News Source: PTI
यह भी पढ़ेंः होर्मुज की लहरों पर शांति का पैगाम: ईरान ने खोला रास्ता, ट्रंप ने जताया आभार, अब सुलह के संकेत
