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कांग्रेस का आरोपः महिला आरक्षण की आड़ में सत्ता बचाने का खेल, लोकतंत्र और संविधान की हुई जीत

by Sanjay Kumar Srivastava
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कांग्रेस का बड़ा आरोपः महिला आरक्षण की आड़ में सत्ता बचाने का खेल, लोकतंत्र और संविधान की हुई जीत

Priyanka Gandhi: कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने संघीय ढांचे को बदलने की साजिश को नाकाम कर दिया.

Priyanka Gandhi: कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने संघीय ढांचे को बदलने की साजिश को नाकाम कर दिया. यह संविधान और विपक्षी एकता की जीत है. प्रियंका गांधी ने शनिवार को केंद्र पर महिला आरक्षण की आड़ में देश के संघीय ढांचे को बदलने की साजिश रचने का आरोप लगाया. कहा कि महिला कोटा कानून में संशोधन के लिए लोकसभा में उसके विधेयक की हार संविधान के साथ-साथ विपक्षी एकता की भी जीत है. उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार लोकसभा की वर्तमान सीटों पर 2023 के महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करे.

महिलाओं का मसीहा बनना आसान नहीं

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि शुक्रवार को जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए एक बड़ी जीत थी. देश के संघीय ढांचे को बदलने की साजिश हार गई. यह संविधान, विपक्षी एकता और देश की जीत थी. प्रियंका ने कहा कि पूरी साजिश सत्ता में बने रहने के लिए थी. महिलाओं का बहाना बनाकर ऐसा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी इच्छानुसार परिसीमन किया होगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं का मसीहा बनना आसान नहीं है. हमने देखा कि हाथरस में महिलाओं के साथ क्या हुआ, हमारे ओलंपिक पदक विजेताओं और अन्य लोगों के साथ क्या हुआ.

प्रियंका ने कहा- सरकार के लिए बड़ा झटका

प्रियंका ने कहा कि इससे पता चला कि एकजुट होने पर विपक्ष उन्हें हरा सकता है. यह सरकार के लिए एक बड़ा झटका है. 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का संविधान (131वां संशोधन) विधेयक शुक्रवार को सदन में गिर गया. जहां 298 सदस्यों ने बिल के समर्थन में वोट किया, वहीं 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट किया. मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी.

विपक्ष ने बताया लोकतंत्र और संविधान की जीत

विधेयक में लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या को 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव था. महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाई जानी थीं. संसद की मंजूरी के लिए 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाई गई थी. बिल गिरने के बाद कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खतरनाक परिसीमन प्रस्तावों को महिला आरक्षण से जोड़ने का नापाक प्रयास लोकसभा में निर्णायक रूप से हार गया है, इसे लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया.

ये भी पढ़ेंः संविधान संशोधन विधेयक गिरना नारी शक्ति के साथ विश्वासघात, लखनऊ में जलाए सपा और कांग्रेस के झंडे

News Source: PTI

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