Home Top News लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, सरकार को नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत, क्या बोले शाह?

लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, सरकार को नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत, क्या बोले शाह?

by Sanjay Kumar Srivastava
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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरा, सरकार को नहीं मिला दो-तिहाई बहुमत; क्या बोले शाह?

Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बिल गिर गया है. इस संशोधित बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 मत पड़े. 11 साल में पहली बार हो रहा है जब कोई बिल गिरा हो.

Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल से जुड़ा 131वां संशोधन लोकसभा में गिर गया. बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. निम्न सदन में 489 सांसदों ने मतदान किया और सरकार को इस बिल को पारित करवाने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए था. इस तरह यह संशोधन 28 वोटों से गिर गया. 11 साल की मोदी सरकार में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब कोई बिल गिरा है. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगर यह बिल पारित नहीं होता है तो इसका जिम्मेदार विपक्ष होगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्ष इस बिल के पक्ष में वोट नहीं देता है तो यह संशोधन गिर जाएगा.

विरोध में 230 सांसदों ने डाला वोट

विधानसभाओं में 2029 में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को निचले सदन में गिर गया. जहां 298 सदस्यों ने बिल के समर्थन में वोट किया, वहीं 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट किया. मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से, विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी. संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए लोकसभा सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 किया जाना था. महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में सीटें भी बढ़ाई जानी थीं.

विधेयक का महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहींः राहुल

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान कहा कि संविधान संशोधन विधेयक का महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह सरकार द्वारा दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों से प्रतिनिधित्व छीनकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का एक प्रयास है, जो “राष्ट्र-विरोधी कृत्य से कम नहीं है”. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और श्री शाह ने गुरुवार (16 अप्रैल) को लोकसभा को आश्वासन दिया कि परिसीमन के बाद सदन की बढ़ी हुई ताकत के साथ महिला आरक्षण कानून लागू होने पर सदन में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा.

शाह ने विपक्ष को दी चेतावनी

उन्होंने कहा कि पांच दक्षिणी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी, प्रतिशत हिस्सेदारी 23.76% से बढ़कर 23.87% हो जाएगी. दो दिन की मैराथन बहस के बाद शुक्रवार शाम को मतदान हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चेतावनी दी कि देश की महिलाएं नतीजे पर करीब से नजर रखेंगी. विपक्ष ने सरकार पर चुनावी नक्शा दोबारा बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

ये भी पढ़ेंः ‘नहीं वापस होने देंगे बिल…’ राहुल लोकसभा में हुए हमलावर; जानें उनके भाषण से जुड़ी 10 बड़ी बातें

News Source: PTI

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