Home Top News बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा, 17 जून को तय होगा आरोप

बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा, 17 जून को तय होगा आरोप

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
देशद्रोह मामला:बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा, 17 जून को तय होगा आरोप

Sheikh Hasina: देशद्रोह मामले में शेख हसीना और 285 के खिलाफ शुक्रवार (17 अप्रैल) को होने वाली सुनवाई टल गई. अब अगली सुनवाई 17 जून को होगी.

Sheikh Hasina: देशद्रोह मामले में शेख हसीना और 285 के खिलाफ शुक्रवार (17 अप्रैल) को होने वाली सुनवाई टल गई. अब अगली सुनवाई 17 जून को होगी. सुनवाई टलने से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को थोड़ी राहत मिल गई है. ढाका की एक अदालत शुक्रवार (17 अप्रैल) को बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और 285 अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में आरोप तय करने के लिए सुनवाई करने वाली थी. सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने बताया कि न्यायाधीश मोइन उद्दीन चौधरी ने बचाव पक्ष के अनुरोध पर सुनवाई की तारीख 17 जून तय की है. यह मामला दिसंबर 2024 में आयोजित एक बैठक से जुड़ा है.

तख्तापलट की साजिश का आरोप

आरोप है कि ‘जॉय बांग्ला ब्रिगेड’ की इस डिजिटल सभा में शेख हसीना सहित दुनिया भर के 577 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. अभियोजन पक्ष का दावा है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली तत्कालीन अंतरिम सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचना और विद्रोह भड़काकर शेख हसीना को पुनः सत्ता में बहाल करना था. अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, कुल 286 आरोपियों में से शेख हसीना सहित 259 आरोपी अभी भी फरार हैं. कानून के मुताबिक इन सभी पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जा रहा है. ‘जॉय बांग्ला ब्रिगेड’ को अवामी लीग और शेख मुजीबुर रहमान की विरासत का कट्टर समर्थक माना जाता है, जो वर्तमान प्रशासन के खिलाफ सक्रिय रूप से लामबंद होने का प्रयास कर रही है.

कई वकील और शिक्षाविद भी आरोपी

अदालत ने इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में सार्वजनिक नोटिस जारी कर भगोड़ों को पेश होने के लिए कहा था. मामले में नामित लोगों में पूर्व सांसद सबीना अख्तर तुहिन, पंकज नाथ और सैयदा रूबीना अख्तर, यूएस अवामी लीग के उपाध्यक्ष डॉ रब्बी आलम, जॉय बांग्ला ब्रिगेड के सदस्य कबीरुल इस्लाम, बांग्लादेश छात्र लीग के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन के अलावा कई वकील और शिक्षाविद शामिल हैं. यह मामला पिछले साल मार्च में सीआईडी ​​के सहायक पुलिस अधीक्षक एमडी इनामुल हक द्वारा गृह मंत्रालय से अनुमोदन के बाद दायर किया गया था.

भारत में रह रही हैं हसीना

अगस्त में 286 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था और अदालत ने बाद में उन सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. देश भर में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद 5 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश से भाग जाने के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं. यूनुस ने उसी वर्ष 8 अगस्त को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था. 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर उनकी सरकार की क्रूर कार्रवाई पर मानवता के खिलाफ अपराध के लिए एक विशेष न्यायाधिकरण द्वारा पिछले साल नवंबर में हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई थी.

ये भी पढ़ेंः ‘होने ही वाली थी डील, लेकिन अमेरिका ने…’ ईरानी विदेश मंत्री ने बताया शांति वार्ता फेल होने का असली कारण

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?