Samrat Chaudhary: बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया.
Samrat Chaudhary: बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया. चौधरी ने एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान यह कहते हुए प्रस्ताव पेश किया कि ‘सदन राज्य में मौजूदा मंत्रिपरिषद पर अपना भरोसा जताता है’. प्रस्ताव को सदन में ध्वनि मत से पारित किया गया, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 202 सीटों के साथ भारी बहुमत प्राप्त है. चौधरी इस महीने की शुरुआत में जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य में सरकार का नेतृत्व करने वाले पहले भाजपा सीएम बने.
NDA के पास है 202 सीटें
नीतीश ने राज्यसभा के लिए चुने जाने पर सीएम पद छोड़ दिया था. केवल दो जद (यू) नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को नए मंत्रिमंडल में शामिल किया गया और उपमुख्यमंत्री के रूप में नामित किया गया. जेडी (यू) के अलावा राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की एलजेपी (आरवी), केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली एचएएम और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाह की आरएलएम शामिल है. पिछले साल नवंबर में हुए चुनाव में पांच दलों के गठबंधन ने 202 सीटें जीती थीं.
तेजस्वी यादव पर बोला हमला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि बिहार में 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और अगले एक साल में यह आंकड़ा 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है. चौधरी अपनी सरकार द्वारा मांगे गए विश्वास प्रस्ताव पर बहस में भाग ले रहे थे. उन्होंने कहा कि मुझे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अधीन वित्त विभाग संभालने का सौभाग्य मिला है. लोगों को शायद पता नहीं होगा कि राज्य को पहले ही रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है. चौधरी ने कहा कि अगले एक साल में हमें 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिलने की उम्मीद है. भाजपा नेता ने अपने भाषण की शुरुआत विपक्ष की मुख्य पार्टी राजद पर तीखा हमला करते हुए की.
लालू राज में फंसाए जाने का किया जिक्र
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की ओर मुड़ते हुए चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद की सरकार द्वारा किए गए अत्याचारों के कारण मैंने राजनीति में प्रवेश किया. मेरे परिवार के कई सदस्यों को झूठे मामलों में फंसाया गया था. यही कारण है कि मैंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का फैसला किया. अपनी बड़ी बहन रोहिणी आचार्य के साथ तेजस्वी यादव के झगड़े पर कटाक्ष करते हुए चौधरी ने कहा कि मैं उन लोगों से यह उम्मीद नहीं करता कि जो अपनी बहनों का सम्मान नहीं कर सकते, वे दूसरों के प्रति सम्मान दिखाएंगे. उन्होंने कहा कि यदि आप व्यक्तिगत हमले करते हैं, तो आपको उसी तरह भुगतान किया जाएगा. भाजपा नेता ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि उनके पिता शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे. उन्होंने कहा कि लालू जी एक बड़े नेता हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन वह हमेशा केवल अपने लिए जीते थे और यही उनके पतन का कारण बना.
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News Source: PTI
