Home Latest News & Updates SIR पर दिए डेरेक ओ’ब्रायन के बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रधान का पलटवार, उन्होंने बताया- ‘चुनिंदा हिसाब-किताब’

SIR पर दिए डेरेक ओ’ब्रायन के बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रधान का पलटवार, उन्होंने बताया- ‘चुनिंदा हिसाब-किताब’

by Sachin Kumar
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Dharmendra Pradhan Derek O'Brien voter turnout claim

West Bengal News : पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आमने-सामने आ गए. TMC नेता ने अधिक वोटिंग पर सवाल खड़े किए और इस प्रधान ने कहा कि आप चुनिंदा हिसाब-किताब कर रहे हैं.

West Bengal News : पश्चिम बंगाल के चुनावी मौसम में सिसायत अपने चरम पर पहुंची हुई है और आरोप-प्रत्यारोप भी जमकर किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन पर निशाना साधा. इससे पहले ओ ब्रायन ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में वोटिंग पिछले राज्य चुनावों की तुलना में कम रही है, जिसे धर्मेंद्र प्रधान ने चुनिंदा हिसाब-किताब करार दिया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपका चुनिंदा हिसाब-किताब तो उसी बात को और मजबूत करता है, जिसे आप नकारने की कोशिश कर रहे हैं. प्रधान ने कहा कि वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी होना दिखाता है कि डुप्लीकेट नाम हटाने के बाद अब वोटर लिस्ट भरोसेमंद हो गई है.

धमकियों की जगह लोकतंत्र को चुन रहे

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा कि जब वोटर लिस्ट से अवैध घुसपैठियों, डुप्लीकेट नामों और संदिग्ध नामों को हटा दिए जाने के बाद साफ सुथरी वोटर लिस्ट हमारे सामने आती है. वहीं, ओ ब्रायन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गुरुवार को पश्चिम बंगाल चुनावों के पहले चरण में ज्यादा वोटिंग को लेकर फर्जी कहानी बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने आगे कहा कि साल 2021 की तुलना में 2026 में डाले गए कुल वोटों की संख्या असल में कम हो गई है. इस पर प्रधान ने कहा कि लोगों की अधिक भागदारी से पता चलता है कि लोग डर और राजनीतिक धमकियों के बजाय लोकतांत्रिक भागीदारी को चुन रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा खास बात यह है कि सूची में इतना सुधार करने के बाद भी 3 करोड़ से ज्यादा नागरिक वोट डालने के लिए बाहर निकले हैं.

टीएमसी परेशान लग रही : प्रधान

केंद्रीय मंत्री ने टीएमसी पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिशों से पार्टी परेशान लग रही है. प्रधान ने यह भी कहा कि यह देखना राजनीतिक रूप से शर्मनाक है कि आप पश्चिम बंगाल के असली के अधिकारों के बजाय हटाए गए नामों का ज्यादा मजबूती से बचाव कर रहे हैं. अब सवाल यह नहीं है कि वोटों का प्रतिशत कैसे बढ़ा? बल्कि सवाल यह है कि टीएमसी को इससे दिक्कत क्यों हो रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सालों से बढ़ाई-चढ़ाई गई वोटर लिस्ट का इस्तेमाल राजनीतिक अस्तित्व की ढाल के तौर पर किया जाता रहा है और दावा किया कि मौजूदा चुनाव मनगढ़ंत आंकड़ों और जनता की असली भावना के बीच फर्क को उजागर कर रहा है.

रिकॉर्डतोड़ हुई वोटिंग

बता दें कि 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल की विधानसभा के पहले चरण में 152 सीटों पर गुरुवार को मतदान हुआ. इस दौरान 97.72 फीसदी वोटिंग हुई. बंगाल में आजादी के बाद रिकॉर्डतोड़ मतदान हुआ है. इससे पहले 2021 के चुनाव में 81.56, 2016 में 82.66 और 2011 में 86.06 प्रतिशत मतदान किया गया.

यह भी पढ़ें- बलतेज पन्नू का सनसनीखेज दावाः राघव चड्ढा को ‘टूल’ बना कर AAP को तोड़ने की कोशिश

News Source: PTI

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