TCS Case: टीसीएस को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ताओं को जबरदस्ती टोपी पहनाई और फिर नमाज अदा करने के लिए भी मजबूर किया गया.
TCS Case: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक BPO इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धार्मिक मामले को लेकर नया मोड़ आ गया है. टीसीएस यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तार 4 आरोपियों ने एक 35 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर धार्मिक टोपी पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया. पुलिस ने इसकी जानकारी विस्तार से कोर्ट को दी और आरोपियों के खिलाफ कस्टडी की मांग की. इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तौसीफ अत्तार (36), दानिश शेख (32), शाहरुख कुरैशी (34) और रजा रफीक मेमन (35) 29 अप्रैल तक के लिए कस्टडी में भेज दिया है.
नमाज पढ़ने के लिए किया मजबूर
ये सभी आरोपी पहले न्यायिक हिरासत में थे. इसके बाद पुलिस ने 23 अप्रैल को उन्हें इस मामले में फिर से गिरफ्तार किया और शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया. यह पूरा मामला मुंबईनाका पुलिस स्टेशन में पुरुष सहकर्मी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. इसके अलावा शेख और बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में BNS की धारा में मामला दर्ज किया गया है. वहीं, कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों किरण बेंडभर और अनिकेत अवहद ने केस गंभीरता को ध्यान में रखते हुए 10 दिन की हिरासत मांगी थी. वहीं, शिकायकर्ताओं का कहना है कि आरोपी उसके धार्मिक विश्वासों को निशाना बनाते थे और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते थे. इसके अलावा आरोपियों ने एक बार मुस्लिम टोपी पहनाई और नमाज पढ़ने तक के लिए मजबूर किया.
वीडियो किया WhatsApp ग्रुप पर शेयर
वहीं, शिकायत में कहा गया है कि एक कंपनी के कर्मचारियों ने टोपी पहनाई और नमाज अदा करने के लिए भी मजबूर किया. इस घटना का एक वीडियो WhatsApp ग्रुप पर भी जमकर शेयर किया गया. पुलिस ने शिकायत के आधार कोर्ट को बताया कि धर्मांतरण की भी कोशिश की गई और शिकायतकर्ताओं को मांस भी जबरदस्ती खिलाने की कोशिश की गई. साथ ही आरोपियों ने हिंदू महिलाओं और शिकायतकर्ताओं की पत्नी के ऊपर संतान नहीं होने को लेकर भी अभद्र टिप्पणी की थी.
कंपनी की है जीरो टॉलरेंस की नीति
दूसरी तरफ आरोपियों के कई सबूत सामने आने के बाद टीसीएस ने कहा कि उत्पीड़न और किसी भी तरह के शोषण के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति है. साथ ही आरोपी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा कि कई रिकॉर्ड को जांचने के बाद पता चला है कि पीड़ितों की तरफ से धार्मिक उत्पीड़न और नमाज पढ़ने को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं मिली थीं.
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News Source: PTI
