Malaria Symptoms: मलेरिया के शुरुआती लक्षण को लोग अक्सर आम बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आगे चलकर यह गंभीर रूप ले लेता है. यहां जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय.
25 April, 2026
आज 25 अप्रैल के दिन विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2008 में मलेरिया दिवस मनाने की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी के बारे में लोगों को जागरुक करना है, ताकि लोग समय रहते इसके लक्षण को पहचान सकें और इलाज कर सकें. दुनियाभर में हर साल करीब 6 लाख लोगों की मलेरिया के कारण मौत हो जाती है. मलेरिया का शुरुआती लक्षण बुखार आना है, जिसे लोग अक्सर आम बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आगे चलकर यह गंभीर रूप ले लेता है. आज हम आपको बताएंगे कि मलेरिया क्या है और उसके शुरुआती लक्षण कैसे होते हैं.
क्या है मलेरिया
मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है. जब मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो खून के जरिए प्लाज्मोडियम नाम का पैरासाइट लीवर में पहुंच जाता है और धीरे-धीरे रेड ब्लड सेल्स को खत्म करने लगता है. मलेरिया उन इलाकों में सबसे ज़्यादा होता है, जहां पानी जमा रहता है और मच्छर ज्यादा होते हैं. बारिश और गर्मी के मौसम में इसका खतरा बढ़ जाता है. छोटे बच्चे, बुज़ुर्ग और जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, उन्हें इसका खतरा ज्यादा होता है, इसलिए उनकी खास देखभाल जरूरी है.

मलेरिया के लक्षण
ठंड लगना और तेज बुखार आना- मलेरिया की शुरुआत बुखार और ठंड लगने से होती है. अगर बुखार से पहले बहुत तेज ठंड लगने लगे और अचानक ज्यादा बुखार आ जाए तो यह मलेरिया का संकेत हो सकता है.
बुखार का पैटर्न- सामान्य बुखार लगातार रहता है, लेकिन मलेरिया का बुखार अक्सर एक पैटर्न में आता है, जैसे- हर 24 घंटे, 48 घंटे या 72 घंटे में.
उल्टी और कमजोरी- अगर बुखार मलेरिया का है, तो इसके साथ उल्टी, जी मिचलाना और बहुत ज्यादा कमजोरी भी होती है. अगर किसी को ये सभी लक्षण साथ में दिखें तो भी यह मलेरिया का संकेत हो सकता है.
सिरदर्द और शरीर में दर्द- मलेरिया में तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द काफी ज्यादा होता है. यह आम बुखार से ज्यादा होता है.
पसीना आना और अचानक बुखार आना- मलेरिया का एक आम लक्षण है ठंड लगना, उसके बाद बुखार आना, फिर बहुत ज़्यादा पसीना आना और आखिर में बुखार उतर जाना. अगर आपको इनमें से दो या तीन लक्षण भी दिखें, तो तुरंत टेस्ट करवाएं. देर करने पर मलेरिया गंभीर हो सकता है.

बचाव के तरीके
भारत में मलेरिया का खतरा मॉनसून और उसके बाद ज्यादा होता है (जुलाई से नवंबर). इस दौरान मलेरिया से बचाव के लिए आपका जागरुक रहना बहुत जरूरी है. सबसे पहले तो मच्छरों से दूरी बनाकर रखें. घर के आसपास पानी न जमा होने दें, क्योंकि यहीं से मच्छर पनपते हैं. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और बाहर जाते समय मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, खासकर शाम को. अपने घर के आस-पास साफ-सफाई रखें और रेगुलर तौर पर कीड़ों को भगाने वाली क्रीम स्प्रे करें. अगर आपको बुखार या दूसरे लक्षण दिखें, तो समय पर जांच और इलाज के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
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