Iran Proposal to US: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह लड़ाई खत्म करने के लिए ईरान के एक नए प्रपोजल को रिव्यू कर रहे हैं, लेकिन अगर ईरान कोई गलती करता है तो वे हमले करने के लिए भी तैयार हैं.
3 May, 2026
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा करने के बारे में सोच रहे हैं. साथ ही उन्होंने ईरान का दोबारा मिलिट्री स्ट्राइक करने की धमकी भी दी है. पाम बीच से मियामी जाते हुए ट्रंप ने कहा कि वह लड़ाई खत्म करने के लिए ईरान के एक नए प्रपोजल को रिव्यू कर रहे हैं, लेकिन डील होने को लेकर शक है, उनका कहना है कि तेहरान ने पिछले 47 सालों में इंसानियत और दुनिया के साथ जो किया है, उसकी अभी तक काफी बड़ी कीमत नहीं चुकाई है. अगर वे गलत व्यवहार करते हैं, अगर वे कुछ बुरा करते हैं, तो हम कुछ बुरा करने के लिए भी तैयार हैं.”
क्या है ईरान का प्रस्ताव ?
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने कहा कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया था. उन्होंने कहा कि इसका मकसद थोपे गए युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना है और अब यह US पर है कि वह डिप्लोमेसी चुनता है या टकराव. ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, इस प्रस्ताव का मकसद सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने के लिए एक बड़ा फ्रेमवर्क बनाना है.
यह प्लान टेम्पररी सीजफायर को खारिज करता है और इसके बजाय 30 दिनों के अंदर एक परमानेंट समाधान पर जोर देता है. इसके बाद अगले 30 दिनों में न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चर्चा होगी. प्रस्ताव में ईरान पर भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने के लिए सिक्योरिटी गारंटी की मांग शामिल है. इसमें होर्मुज स्ट्रेट के लिए एक नई व्यवस्था का प्रस्ताव है. प्रस्ताव में इस इलाके से US सेना को हटाने और नेवल ब्लॉकेड हटाने की मांग की गई है. इसमें ईरान के जब्त किए गए एसेट्स को छोड़ने और बैन और मिलिट्री दबाव से जुड़े मुआवजे की मांग की गई है.
तेल की कीमत में 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी
US प्रेसिडेंट पर गैस की ऊंची कीमतों का भी दबाव है, जो USD 4.39 प्रति गैलन तक बढ़ गई हैं. 28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से तेल की कीमत 47 प्रतिशत की बढ़ी है. इस हफ़्ते, कीमतों का दबाव और बढ़ गया क्योंकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरानी पोर्ट्स पर नाकाबंदी जारी रखना चाहते हैं, जिसे US नेवी 13 अप्रैल से लागू कर रही है. ट्रंप ने शुक्रवार को रिपोर्टर्स से कहा, “अभी गैसोलीन महंगा है. जैसे ही युद्ध खत्म होगा, गैसोलीन की कीमतें कम हो जाएंगी.” तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के दबाव के कारण भी ट्रंप यह युद्ध खत्म करना चाहते हैं.
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News Source: PTI
