West Bengal Famous Temples: अगर आप भी आध्यात्मिक शांति और बंगाल की समृद्ध संस्कृति को अनुभव करना चाहते हैं, तो बंगाल के इन 5 प्रमुख मंदिरों में एक बार जरूर जाएं.
5 May, 2025
पश्चिम बंगाल भारत की संस्कृति के केंद्रों में से एक है. वहां की दुर्गा पूजा पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां के मंदिर न सिर्फ धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि संस्कृति और इतिहास की झलक भी दिखाते हैं. चुनाव के मौसम में, बड़े नेता अक्सर इन मशहूर मंदिरों में आशीर्वाद लेने जाते हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ जाती है. आज हम आपको उन्हीं में से 5 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताएंगे. अगर आप भी आध्यात्मिक शांति और बंगाल की समृद्ध संस्कृति का करीब से अनुभव करना चाहते हैं, तो आपको इन मंदिरों में जरूर जाना चाहिए.
दक्षिणेश्वर काली मंदिर

दक्षिणेश्वर काली मंदिर कोलकाता के हुगली नदी के तट पर स्थित है. मंदिर की प्रमुख देवी भवतारिणी मां हैं, जो मां काली का ही एक रूप है. मंदिर का निर्माण 1855 में रानी रासमणि ने करवाया था. यह मंदिर नवरत्न शैली में बनाया गया है. रामकृष्ण परमहंस ने यहां साधना की थी, जिससे यह और प्रसिद्ध हो गया. यह बंगाल के प्रमुख मंदिरों में एक है.
कालीघाट काली मंदिर

कालीघाट मंदिर भी कोलकाता के हुगली नदी के पास स्थित है. मां काली का यह सती के 51 शक्तिपीठों में एक है. मान्यता के अनुसार, यहां देवी सती के दाएं पैर की चार उंगलियां गिरी थीं. कालीघाट मंदिर में सोने-चांदी से सुसज्जित मां काली की प्रतिमा स्थापित है. दुर्गा पूजा पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. चुनाव के समय यहां बड़े-बड़े नेता आशीर्वाद के लिए आते हैं.
तारापीठ मंदिर

तारापीठ मंदिर बीरभूम जिले में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है, जो मां तारा को समर्पित है और यह भी 51 शक्तिपीठों में एक है. यहां देवी सती की तीसरी आंख गिरी थी. यह मंदिर तंत्रविद्या के लिए प्रसिद्ध है. यहां तांत्रिक और अघोरी अपनी साधना करते हैं. मंदिर पारंपरिक बंगाली शैली में बनाया गया है और इसके साथ ही एक श्मशान घाट भी है.
बेलूर मठ

बेलूर मठ बंगाल में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र है. यह मंदिर रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय है. यह हुगली नदी के पास स्थित है. इसकी स्थापना 1897 में स्वामी विवेकानंद ने की थी. इसकी संरचना बहुत ही अद्भुत है, जो दूर से देखने पर मंदिर, मस्जिद और चर्च जैसा लगता है. यहां स्वामी विवेकानंद और स्वामी ब्रह्मानंद का समाधि स्थल भी है. यह मठ सुबह और शाम को खुलता है.
वैदिक तारामंडल

पश्चिम बंगाल के मायापुर में ISKCON द्वारा वैदिक तारामंडल मंदिर बनाया जा रहा है. यह ISKCON का वर्ल्ड हेडक्वार्टर है और अभी बन रहा है, जो पूरा होने पर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक होगा. इसमें 150 सीटों वाला एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट प्लैनेटेरियम और एक साइंस सेंटर होगा जो मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जरिए वैदिक एस्ट्रोनॉमी और फिलॉसफी को समझाएगा.
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