Home Top News सावधानः गुरुग्राम में इन रोगों की बन रही थी नकली दवा, अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

सावधानः गुरुग्राम में इन रोगों की बन रही थी नकली दवा, अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

by Sanjay Kumar Srivastava
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गुरुग्राम में इन रोगों की बनती थी नकली दवा, नकली इंजेक्शन फैक्ट्री का भंडाफोड़

Fake Medicine: औषधि नियंत्रण विभाग ने हरियाणा के गुरुग्राम में चल रहे एक अवैध दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है.

Fake Medicine: औषधि नियंत्रण विभाग ने हरियाणा के गुरुग्राम में चल रहे एक अवैध दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. विभाग ने मधुमेह और वजन घटाने के लिए उपयोग की जाने वाली अमेरिका की प्रसिद्ध दवा ‘मौन्जारो’ (तिरजेपेटाइड) के नकली उत्पादों और बिक्री पर रोक लगा दी है. गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-4 में की गई छापेमारी के दौरान लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के नकली इंजेक्शन जब्त किए गए हैं.

असली और नकली पैकेजिंग में अंतर

औषधि नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि टीम ने जब नकली नमूनों की तुलना मूल दवा से की तो पैकेजिंग में गंभीर खामियां पाई गईं. नकली इंजेक्शन के बॉक्स पर रंगों का शेड (नीला और लाल) मूल संस्करण से अलग था. इसके अलावा नकली पैकेजिंग पर शब्दों की वर्तनी में गलतियां थीं और उस पर बना इंजेक्शन पेन का चित्र भी धुंधला और छोटा था. जिससे यह साफ पता चल रहा था कि ये इंजेक्शन नकली हैं.

मुख्य आरोपी हिरासत में

औषधि नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि इस अवैध कार्य का मुख्य आरोपी अवि शर्मा है. उसने अधिक मुनाफे के लालच में यह काम शुरू किया था. अधिकारियों ने गुरुग्राम के सेक्टर-62 के एक फ्लैट पर भी छापा मारा, जहां इन नकली दवाओं को तैयार किया जा रहा था. इस मामले में पुलिस ने डिलीवरीमैन मुज्जमिल और मुख्य आरोपी अवि शर्मा को हिरासत में ले लिया है.

स्वास्थ्य पर खतरा

औषधि नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि जब्त किए गए नमूनों को लैब टेस्ट के लिए भेज दिया गया है. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना मानक प्रक्रियाओं के तैयार की गई ऐसी दवाएं स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकती हैं. प्रशासन ने लोगों से केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही दवाएं खरीदने की अपील की है.

जल्द अमीर बनने की चाहत

अपना फर्जी ऑपरेशन चलाने से पहले शर्मा ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2016 तक कुछ समय के लिए अपने पिता की फर्म में काम किया. इसके तुरंत बाद उसने प्राकृतिक तेल बेचने वाली हेम्पेड सोल्स इंटरनेशनल एलएलपी नाम से अपनी खुद की आयुर्वेदिक कंपनी की स्थापना की. अधिकारी ने कहा कि अवि शर्मा अपनी आय कम से कम 2 करोड़ रुपये प्रति माह तक बढ़ाना चाहता था. पैसे के लालच में उसने नकली मौन्जारो इंजेक्शन का अवैध उत्पादन शुरू कर दिया.मौन्जारो की निर्माता अमेरिकी दवा कंपनी एली लिली ने जब्ती पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

लिली मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर

भारत में एली लिली एंड कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि हमें संदिग्ध और नकली उत्पादों की जब्ती के संबंध में हाल ही में हुए घटनाक्रम से अवगत कराया गया है, जिस पर हमारे उत्पाद का ब्रांड नाम मौन्जारो (टिरजेपेटाइड) है. लिली मरीजों की सुरक्षा को बेहद गंभीरता से लेती है और अवैध दवाओं के खिलाफ नियामक प्राधिकरण की कार्रवाई का स्वागत करती है. एली लिली ने 2025 में भारत में मौन्जारो (तिर्ज़ेपेटाइड) लॉन्च किया, जिसका मुख्य उद्देश्य टाइप 2 मधुमेह और मोटापे का इलाज करना था. लॉन्च के कुछ ही महीनों में यह इंजेक्शन लोकप्रिय हो गया, जिससे यह भारत में सबसे अधिक बिकने वाली दवा बन गई.

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News Source: PTI

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