Home Latest News & Updates वाराणसी को स्वच्छ बनाने की बड़ी मुहिम: आबादी वाले इलाकों से हटाए जाएंगे मांस-मछली के बाजार

वाराणसी को स्वच्छ बनाने की बड़ी मुहिम: आबादी वाले इलाकों से हटाए जाएंगे मांस-मछली के बाजार

by Sanjay Kumar Srivastava 7 June 2026, 7:26 PM IST (Updated 7 June 2026, 7:27 PM IST)
7 June 2026, 7:26 PM IST (Updated 7 June 2026, 7:27 PM IST)
वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला: शहर से बाहर शिफ्ट होंगी मांस और मछली की दुकानें

Varanasi: वाराणसी नगर निगम ने शहरी प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. नगर निगम ने शहर की सीमा के भीतर चलने वाली सभी मांस और मछली की दुकानों को बाहरी इलाकों में निर्दिष्ट स्थानों पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है. जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को मैदागिन स्थित टाउन हॉल भवन में नगर निगम की शासी निकाय की बैठक आयोजित की गयी. मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वच्छता सुधार से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई.

शहर से बाहर भेजेगा नगर निगम

श्रीवास्तव ने कहा कि शहर के विकास के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई, जिसके दौरान सदस्यों ने व्यवस्थित तरीके से मांस और मछली बाजारों को शहर के परिधीय क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की योजना का समर्थन किया. नगर निगम आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि परियोजना के पहले चरण में पांच स्थानों की पहचान की गई है. उन्होंने कहा कि निवासियों को असुविधा कम करने के लिए ये स्थल शहर की बाहरी सीमा के करीब स्थित हैं. अधिकारियों ने कहा कि योजना के तहत, वर्तमान में शहर के भीतर चल रही मांस और मछली की दुकानों को आने वाले दिनों में रामनगर, सुजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.

लगती हैं करीब 400 दुकानें

उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करते हुए स्वच्छता में सुधार और ऐसे बाजारों के कामकाज को सुव्यवस्थित करना है. श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान में शहर की सीमा के भीतर लगभग 350 से 400 मांस और मछली की दुकानें संचालित हो रही हैं. बैठक के दौरान पार्षद गुलशन अली ने कहा कि मांस और मछली की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव लगभग एक साल पहले लाया गया था, लेकिन अभी तक इसे प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है. व्यापारियों द्वारा उठाई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए अली ने कहा कि श्रावण के पवित्र महीने के दौरान मांस की दुकानों की वार्षिक बंदी मांस व्यवसाय में लगे लोगों की आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित करती है.

जल्द लागू होगा प्रस्ताव

इस मुद्दे पर नगर आयुक्त ने सदन को आश्वासन दिया कि शहर के बाहरी इलाके में भूमि की पहचान पहले ही की जा चुकी है और प्रस्ताव को लागू करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. नाथूपुर में मांस की दुकान चलाने वाले अशरफ ने कहा कि मांस और मछली की दुकानों को शहर के बाहर स्थानांतरित करने से व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को काफी असुविधा होगी. उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी दैनिक खरीदारी के लिए शहर से बाहर जाना होगा, जिसके परिणामस्वरूप समय और धन दोनों का अतिरिक्त व्यय होगा. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रशासन व्यापारियों के साथ-साथ आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोई व्यावहारिक समाधान निकाले.

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News Source: PTI

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