Gold, Silver Rates Today: कई दिनों की गिरावट के बाद आज शेयर मार्केट में थोड़ी हरियाली दिखी है. ट्रंप के तेवर बदलते ही, कई जगह पर इसका पॉजिटिव असर नज़र आया है.
23 January, 2026
दुनियाभर के शेयर बाजारों में आज एक अलग ही रौनक देखने को मिल रही है. इसकी वजह कोई मैजिक नहीं, बल्कि सात समंदर पार से आई एक खबर है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने तेवर थोड़े नरम कर लिए हैं. इसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट और इन्वेस्टर्स की जेब पर पड़ता दिख रहा है. आप भी समझें कि आखिर माजरा क्या है और बाजार में ये हरियाली क्यों आई है.
ट्रंप का ‘यू-टर्न’
बीते कुछ दिनों से बाजार में डर का माहौल था. ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जिद में 8 यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स लगाने की धमकी दी थी. इन्वेस्टर्स को डर था कि इससे अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में दरार आएगी और ग्लोबल बिजनेस पर बुरा असर पड़ेगा. लेकिन दावोस में हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप ने साफ कर दिया कि वो ग्रीनलैंड के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेंगे. इसके अलावा फिलहाल उन्होंने यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने का इरादा भी टाल दिया है. फिर क्या था, इस खबर के बाद, बाजार झूम उठा.
बाजार में जबरदस्त तेजी
इस खबर के आते ही टोक्यो से लेकर मुंबई तक के बाजारों में रौनक लौट आई. जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 1.9% चढ़ गया. सबसे ज्यादा फायदा टेक कंपनियों को हुआ. बड़े सॉफ्टबैंक के शेयर्स में 11% का उछाल आया. वहीं चिप बनाने वाली टोक्यो इलेक्ट्रॉन भी तेजी से बढ़ी. इसके अलावा दक्षिण कोरिया के इन्वेस्टर्स के लिए तो आज का दिन ऐतिहासिक रहा. वहां का ‘कोस्पी’ इंडेक्स पहली बार 5,000 के आंकड़े को पार कर गया. सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी दिग्गज कंपनियों ने इस बढ़त में बड़ी भूमिका निभाई. इसका असर इंडियन स्टॉक मार्केट पर दिखा. सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे. हालांकि, चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में मामूली सुस्ती देखी गई.
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रुपये की सेहत में सुधार
पिछले कुछ दिनों से डॉलर के मुकाबले पस्त हो रही इंडियन करेंसी के लिए भी ये खबर संजीवनी बनकर आई. गुरुवार सुबह रुपया अपने रिकॉर्ड लो लेवल से उबरते हुए 15 पैसे की मजबूती के साथ 91.50 के लेवल पर पहुंच गया. शेयर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप के नरम रुख से इन्वेस्टर्स ने राहत की सांस ली है. हालांकि, उनका ये भी मानना है कि जब तक अमेरिका के साथ कोई बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट नहीं हो जाता, तब तक रुपये को झटके मिलते रहेंगे.
सोना-चांदी हुआ सस्ता
जब दुनिया में टेंशन चल रही होती है, तो लोग सोने में इन्वेस्ट करना सबसे अच्छा समझते हैं. हालांकि, जैसे ही ट्रंप ने नरमी दिखाई, इन्वेस्टर्स का डर कम हुआ और उन्होंने सोने से पैसा निकालकर शेयर्स में लगाना शुरू कर दिया. इसका नतीजा ये हुआ कि सोने की कीमतें 0.9% गिरकर 4,794 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गईं. वहीं कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई. इसके अलावा चांदी भी 3,25,602 के लेवल से फिसलकर 3,19,843 प्रतिकिलो पर ट्रेड कर रही है.
एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप का ग्रीनलैंड पर नाटो (NATO) के साथ सुरक्षा ढांचे को लेकर सहमत होना एक पॉजिटिव संकेत है. इससे न सिर्फ आर्कटिक क्षेत्र में शांति बनी रहेगी, बल्कि इंटरनेशनल ट्रेड में आने वाला बड़ा संकट भी टल गया है. यानी कहा जा सकता है कि, आज का दिन इन्वेस्टर्स के लिए सुकून भरा रहा. वॉल स्ट्रीट की तेजी के पीछे-पीछे एशियाई बाजार भी चल पड़े हैं. अगर हालात ऐसे ही रहे और राजनीतिक टेंशन कम हुईं, तो आने वाले दिनों में मार्केट में और भी शानदार रिकॉर्ड देखने को मिल सकते हैं. फिलहाल, इन्वेस्टर्स के लिए सलाह यही है कि वो ग्लोबल मार्केट पर नजर बनाए रखें, क्योंकि आज की ग्लोबल इकोनॉमी में एक बयान भी बाजार का रुख मोड़ने के लिए काफी है.
News Source:- PTI
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