Rupee vs Dollar: धीरे-धीरे ही सही लेकिन डॉलर के मुकाबले हमारा रुपया संभलता हुआ दिख जरूर रहा है. आज करेंसी मार्केट से रुपये को लेकर काफी अच्छी खबर आ रही है.
30 January, 2026
शेयर बाजार और करेंसी मार्केट से आज एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल, लगातार गिरावट की मार झेल रहा भारतीय रुपया आज आखिरकार मजबूत होता नज़र आया. शुक्रवार की सुबह विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अपने अब तक के सबसे लो लेवल से उबरने में कामयाब रहा. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे की मजबूती के साथ 91.90 पर ट्रेड करता दिखा.
दिन की शुरुआत
हफ्ते के आखिरी दिन इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपये की शुरुआत अच्छी रही. ये 91.89 पर खुला और देखते ही देखते 91.87 के लेवल तक पहुंच गया. हालांकि, शुरुआती कारोबार के बाद ये 91.90 पर टिका रहा. आपको बता दें कि बीते गुरुवार को रुपया अपने सबसे निचले लेवल यानी 91.99 पर बंद हुआ था. इसके अलावा 23 जनवरी को तो इसने 92 का ऐतिहासिक लो लेवल भी टच कर लिया था. ऐसे में आज की ये 9 पैसे की बढ़त इन्वेस्टर्स के लिए छोटी ही सही, लेकिन राहत की खबर है.
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कहां से मिली ताकत?
रुपये की इस रिकवरी के पीछे सबसे बड़ा हाथ इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट का है. ब्रेंट क्रूड का भाव 1.50 प्रतिशत गिरकर 69.62 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. वैसे भी, जब तेल सस्ता होता है, तो भारत को इसके आयात के लिए कम डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. इसका सीधा फायदा रुपये की सेहत पर पड़ता है. वहीं, रुपये की इस उड़ान को रोकने के लिए डॉलर भी पूरी कोशिश कर रहा है. दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 2026 की अपनी पहली पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे डॉलर इंडेक्स 96.48 पर पहुंच गया है.
शेयर मार्केट पर दवाब
फॉरेन इन्वेस्टर्स भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसे निकाल रहे हैं, जिससे रुपये पर दबाव बना हुआ है. गुरुवार को ही फॉरेन इन्वेस्टर्स ने इंडियन शेयर मार्केट से करीब 394 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि, संसद में पेश किए गए हालिया इकोनॉमिक सर्वे में एक बड़ी बात कही गई है. सर्वे के मुताबिक, भारतीय रुपया अपनी असली क्षमता से थोड़ा कम परफॉर्म कर रहा है. जबकि देश में महंगाई कंट्रोल में है और विकास की संभावनाएं शानदार हैं. इसके बाद भी इन्वेस्टर्स का थोड़ा हिचकिचाना चिंता की बात है. ऐसे में अगर रुपया इसी तरह संभला रहता है, तो विदेशों में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स और बाहर घूमने जाने वाले ट्रेवलर्स के लिए ये अच्छी खबर हो सकती है. साथ ही, कच्चा तेल सस्ता होने से फ्यूचर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद भी लगती है.
News Source: Press Trust of India (PTI)
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