Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये के लिए गुरुवार का दिन राहत भरा रहा. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ. गुरुवार को रुपया 12 पैसे की बढ़त के साथ 95.05 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ. इससे पहले बुधवार को भी रुपये में 19 पैसे की तेजी दर्ज की गई थी. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में भारतीय मुद्रा कुल 1.83 रुपये मजबूत हो चुकी है. रुपये में आई इस तेजी के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के विदेशी मुद्रा बाजार में दखल, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर में कमजोरी जैसी वजह बताई जा रही हैं.
कैसे रही रुपये की चाल?
विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को रुपया 94.95 प्रति डॉलर पर खुला. कारोबार के दौरान इसने 94.86 का हाई लेवल और 95.11 का लो लेवल टच किया. आखिर में ये 95.05 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. वैसे, ये आंकड़े प्रोविजनल हैं. बुधवार को रुपया 95.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस तरह लगातार पांच सत्रों की मजबूती ने रुपये को कुछ राहत दी है. हालांकि, विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. रुपये की आगे की चाल वैश्विक आर्थिक हालात, तेल की कीमतों और डॉलर की मांग पर निर्भर करेगी.
RBI का दखल
बाजार के जानकारों के मुताबिक, रुपये को संभालने में भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका अहम रही है. केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में जरूरत के मुताबिक हस्तक्षेप कर सकता है, जिससे रुपये में तेज गिरावट को रोकने में मदद मिलती है. इसके अलावा, बाजार में डॉलर की तेजी पर दांव लगाने वाले कुछ कारोबारियों ने अपनी पोजिशन भी कम की है. इससे डॉलर की मांग में नरमी आई और रुपये को मजबूती मिली. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू बाजार में बेहतर माहौल ने भी रुपये को सहारा दिया.
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सस्ता कच्चा तेल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी रुपये के लिए पॉजिटिव हिंट है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.82 प्रतिशत गिरकर 104.13 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई. हम सभी जानते हैं कि, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल खरीदकर पूरा करता है. ऐसे में तेल की कीमतें कम होने पर आयात का बिल घट सकता है. साथ ही डॉलर की मांग पर दबाव कम हो सकता है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट जरूरी नहीं है. वैश्विक तनाव और सप्लाई से जुड़ी चिंताएं बाजार को फिर प्रभावित कर सकती हैं.
डॉलर भी हुआ कमजोर
दुनिया की 6 बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.57 प्रतिशत गिरकर 101.96 पर कारोबार कर रहा था.
डॉलर में कमजोरी से रुपये समेत दूसरी मुद्राओं को सहारा मिल सकता है. लेकिन रुपये की मजबूती के बावजूद भारत के सामने कुछ आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बढ़ता व्यापार घाटा और आयातकों की तरफ से डॉलर की मजबूत मांग रुपये की आगे की तेजी को लिमिटेड कर सकती है.
शेयर बाजार में भी तेजी
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार तेजी देखने को मिली. बीएसई सेंसेक्स 1,533.72 अंक उछलकर 74,315.61 पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई निफ्टी 374.65 अंक की बढ़त के साथ 22,997.35 पर पहुंच गया. हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार से 1,857.44 करोड़ रुपये निकाल लिए थे. फिलहाल लगातार पांच दिनों की मजबूती ने रुपये को राहत जरूर दी है.
News Source: ANI
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