Home Top News ‘बंद करो और निकल जाओ…’ नेहा बोरा और अभिजीत दिपके की PC में हुआ हंगामा; जानें क्या हुआ?

‘बंद करो और निकल जाओ…’ नेहा बोरा और अभिजीत दिपके की PC में हुआ हंगामा; जानें क्या हुआ?

by Sachin Kumar 15 October 2026, 4:55 PM IST (Updated 15 October 2026, 5:02 PM IST)
15 October 2026, 4:55 PM IST (Updated 15 October 2026, 5:02 PM IST)
Commotion at Neha Bora and Abhijit Dipke PC

SIR Row: दिल्ली में गुरुवार को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और अभिनेता प्रकाश राज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा हो गया. नेहा बोरा ने अपने संबोधन की शुरुआत एक कविता की पंक्तियों से की. उन्होंने कहा, ‘जंजीर बढ़ाकर साध मुझे, हां-हां दुर्योधन बांध मुझे.’ इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में विरोध शुरू हो गया. वहां मौजूद कुछ लोगों ने ‘बंद करो’ और ‘निकल जाओ’ के नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया. इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल लोगों को विरोध का सामना करना पड़ा.

नहीं बंद किया जा सकता हमारा आंदोलन

अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेहा बोरा ने कहा कि हमारा ये आंदोलन SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहा है. साथ ही इससे ये भी साबित होता है कि ये मूवमेंट एक व्यक्ति नहीं बल्कि देश के सभी नागरिकों को वोट के अधिकार की सुरक्षा को लेकर किया जा रहा है. नेहा ने आगे कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा गया है, बल्कि पूरे देश में वोटिंग के अधिकार की आवाज उठाने वाले लोगों को हिरासत में भेजने का काम किया है. हम सरकार से कहना चाहते हैं कि हमारे नेताओं को हिरासत में भेजकर आंदोलन को बंद नहीं किया जा सकता है.

मुस्लिमों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा Form-7

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा रहे एक्टर प्रकाश राज ने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोटर्स के नाम हटाने के लिए Form 7 का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि इसे कर्नाटक के 23 जिलों के उन लोगों की आवाज को ‘चुपचाप मिटाना’ गया है, जो दिल्ली नहीं पहुंच सकते हैं.

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तिरंगा फहराने को कानून का उल्लंघन बताया गया

वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि आपने तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन बता दिया है. किसके लिए? ज्ञानेश कुमार के लिए? ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी को क्या दे रहे हैं? आपने दिल्ली को ठप कर दिया है, रेलवे बंद कर दिया है, मेट्रो बंद कर दी है और दिल्ली को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की तरह एक बॉर्डर में बदल दिया है. आपने दिल्ली में तमाम सुरक्षा बलों को बुला लिया है. छात्र संगठनों को घसीटा गया है, विपक्ष को घसीटा गया है और पूर्व मुख्यमंत्रियों को सड़कों पर घसीटा गया है. क्या यह सब सिर्फ एक ज्ञानेश कुमार के लिए है? ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं? हम यह क्यों न मानें कि ज्ञानेश कुमार चुनाव जीतने में नरेंद्र मोदी की मदद कर रहे हैं? अगर वह चुनाव जीतने में उनकी मदद नहीं कर रहे हैं, तो नरेंद्र मोदी उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दे रहे हैं?

युवा सड़कों पर संघर्ष कर रहे

अभिजीत दिपके ने आगे कहा कि पिछले 10-15 दिनों से दिल्ली के सभी छात्र संगठन और युवा सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं. उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है. जब देश का विपक्ष भी सड़कों पर उतरा, तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया. विपक्ष के नेता को भी हिरासत में लिया गया, जिसमें ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसे पूर्व मुख्यमंत्री शामिल किया गया है. देश के इतिहास में पहली बार 10 अक्टूबर के आह्वान के बाद रेलवे को बंद कर दिया गया. किसके लिए? सिर्फ एक ज्ञानेश कुमार के लिए. रेलवे बंद करने से भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने क्या किया? उन्होंने पूरी दिल्ली में मेट्रो और मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया. किसके लिए? ज्ञानेश कुमार के लिए. इतने पर भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों को बुला लिया.

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